अमरोहा। चार नवंबर को शुरू हुई विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया धीरे-धीरे अब अपने अंतिम चरण की ओर पहुंच रही है। चुनाव आयोग द्वारा दो बार समय को आगे बढ़ा दिया गया है। इसके तहत आज मैपिंग कराने का आखिरी दिन है। आज मैपिंग की प्रक्रिया पूरी न करने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें बीएलओ को संंबंधित दस्तावेज देने होंगे। जिले में फिलहाल 43425 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में जिले की चारों विधानसभाओं के 13.70 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया था। समय रहते ही सभी विधानसभाओं में गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज्ड करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। लेकिन बीच में दो बार निर्वाचन आयोग द्वारा समय को आगे बढ़ा दिया गया। इसके बीच बीएलओ ने मैपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया। लेकिन बृहस्पतिवार तक करीब 43425 मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। आज मैपिंग किए जाने का आखिरी दिन है। आज मैपिंग न कराने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें मतदाता सूची में शामिल होने के लिए जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे।
मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन 31 दिसंबर को होगा। दावे और आपत्तियां 31 दिसंबर से 30 जनवरी तक स्वीकार की जाएंगी। नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों-आपत्तियों का निस्तारण 31 दिसंबर से 21 फरवरी तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 28 फरवरी को होगा। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि मतदाता आज भी अपनी मैपिंग करा सकते हैं। इसके बाद नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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ये दस्तावेज दिखाने होंगे
- केंद्र या राज्य या सार्वजनिक उपक्रम का कर्मचारी, पेंशनभोगी पहचानपत्र, पेंशन भुगतान आदेश।
- 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार, बैंक, डाकघर से जारी पहचानपत्र, प्रमाणपत्र या अभिलेख।
- सक्षम अधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट या 10वीं कक्षा का शैक्षिक प्रमाणपत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी की ओर से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र या अन्य अधिकार प्रमाणपत्र।
- तहसील से जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर।
- राज्य या स्थानीय प्राधिकारी से जारी परिवार रजिस्टर, सरकार से आवंटित भूमि या मकान का आवंटन पत्र।
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ये भी रखिए याद
- जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें जन्मतिथि या जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा।
- जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है उन्हें जन्मतिथि या जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा।
- जिनका जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है वो स्वयं के अलावा पिता, माता की जन्मतिथि या जन्म स्थान का दस्तावेज देंगे।
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