श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भक्त व्रत रखते हैं और विशेष पूजा करते हैं। वहीं, कहीं-कहीं पर रात में 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म मनाकर ही भोज करते हैं। उधर, जन्माष्टमी को लेकर रविवार को दिनभर तैयारियों का दौर चला। शहर के प्रमुख राधा कृष्ण मंदिर, बाबा गंगा नाथ मंदिर और वासुदेव मंदिर और बंसीधर मंदिरों पर विशेष तैयारियां चलती रहीं। शाम मंदिर रंग बिरंगी लाइटों से जगमग हो गए। देर शाम तक सजावट का काम चलता रहा। इसके अलावा जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी काफी रौनक नजर आई।
जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों और उनके सजावट के सामान की दुकानें सजी रहीं। जिन पर भक्तों ने जमकर खरीदारी की और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने लड्डू गोपाल के लिए मोतियों वाले आकर्षक झूले खरीदे। वहीं लड्डू गोपाल के शृंगार कंगन, मालाएं, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी की भी खरीदारी की ।
स्पेशल केक की भी मांग
जन्माष्टमी को बाजार में स्पेशल केक बनाने की मांग भी है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर रात 12 बजे केक काटंगे। नंदन स्वीट्स के संचालक अमित राज ने बताया कि जन्माष्टमी पर केक बनाने के आर्डर आए हैं। अभी तक 15 आर्डर मिल चुके हैं। विशेष केक भी तैयार की जा रहे हैं। कोट बाजार के दुकानदार अजय चतुर्वेदी ने बताया कि अभी तक दस केक आर्डर मिल चुके हैं।