मंडी धनौरा (अमरोहा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तमाम सुविधाओं का अभाव है। रोगियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने की वजह से निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन बेहद पुरानी होने की वजह से सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है। मंगलवार को करीब 250 रोगियों ने ओपीडी में अपना उपचार कराया। रोगियों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही दी जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को महिला चिकित्सक डॉ. पूर्णिमा शर्मा व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कामेंद्र सिंह रोगियों को देख रहे थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तमाम विशेषज्ञों की तैनाती के आदेश के बावजूद मात्र दो चिकित्सक ही मौजूद थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात आशा कार्यकर्ताओं की लापरवाही से सरकारी अस्पताल में प्रसव की संख्या कम होती जा रही है। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता निजी अस्पतालों से मोटा कमीशन लेकर गर्भवती महिलाओं को लेकर वहां डिलीवरी कराती हैं। पिछले महीने सरकारी अस्पताल में मात्र 82 महिलाओं का प्रसव हुआ, जबकि पहले यह संख्या 120 तक थी। मंगलवार को महिला वार्ड बंद पड़ा था। इमरजेंसी भी खाली पड़ी थी। यहां कोई रोगी मौजूद नहीं था। अधीक्षक डॉ. मनदीप कुमार का कहना है कि उनके द्वारा कम डिलीवरी कराने पर 25 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन भी करीब 20 साल पुरानी है। न तो उसकी क्वालिटी अच्छी है और न ही मशीन पर्याप्त वोल्टेज मिलने के कारण काम नहीं कर पाती है। एक्सरे टेक्नीशियन प्रशांत कुमार का कहना है कि अस्पताल में मात्र 130 वोल्टेज होते हैं। इतने कम वोल्टेज में मशीन काम नहीं कर पाती है। यही कारण है कि पिछले महीने में मात्र 123 एक्सरे ही हो पाए। जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी राजीव सिंहल ने पिछले दिनों एक्सरे की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को एलर्जी की दवा लेने आई मोहल्ला कटरा निवासी नूरजहां को दवाई तो मिल गई, लेकिन वह अस्पताल से मिली दवा की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं थी। ओपीडी कर रहे डॉ. कामेंद्र सिंह का कहना था कि बाहर से दवाएं लिखने पर पाबंदी है। अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है।
अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। एक्सरे मशीन के लिए सीएमओ को लिखा गया है। अस्पताल की वोल्टेज बढ़ाने के लिए अवर अभियंता से अनुरोध किया गया है। प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुलने से भी लोगों को उपचार की अच्छी सुविधा मिल रही है। डॉ. मनदीप कुमार, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौरा