अमरोहा। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद शार्प शूटर अनवर हटेला को गुरुवार कोर्ट के आदेश पर चार घंटे के पैरोल पर दिल्ली पुलिस अमरोहा लेकर आई। अनवर यहां अपने बीमार चल रहे भाई को देखने आया था। अनवर हटेला को दिल्ली पुलिस की टीम गुरुवार की सुबह ग्यारह बजे यहां लेकर आई थी और दोपहर बाद तीन बजे वापस ले गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अनवर हटेला दिल्ली के गैंगस्टर छेनू पहलवान गैंग का शॉर्प शूटर है।
हटेला को 14 मार्च 2018 की रात अमरोहा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। मुठभेड़ अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के रिंग रोड बाईपास पर हुई थी। मुठभेड़ में हटेला के पैर में तीन गोलियां लगी थीं और एक पुलिस इंस्पेक्टर भी घायल हुए थे। उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस की तरफ से एक लाख और अमरोहा पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने अनवर के कब्जे से एक कारबाइन, एक लाख रुपये की नकदी, पिस्टल और चोरी की कार बरामद की थी। इस दौरान पुलिस ने उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब ग्यारह बजे दिल्ली पुलिस के एएसआई जगदीश सिंह समेत सात पुलिस कर्मी दिल्ली की तिहाड़ जेल से कैदी अनवर हटेला को लेकर अमरोहा पहुंचे थे। अनवर हटेला कर बड़ा भाई असगर की तबियत खराब है। उसकी हालत गंभीर है। इसलिए उसने कोर्ट में अपने भाई से मिलने की अनुमति मांगी की थी। कड़कड़डूमा न्यायालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस उसे चार घंटे की पैरोल पर मोहल्ला बसावनगंज स्थित उसके घर लेकर पहुंची थी। दिल्ली पुलिस की टीम दोपहर बाद तीन बजे उसे वापस ले गई।
मुठभेड़ में चली 25 राउंड गोलियां
अमरोहा। दिल्ली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अनवर हटेला पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया। अमरोहा पुलिस की ओर से भी उस पर 25 हजार का इनाम रखा गया था। इस सवा लाख के इनामी बदमाश के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और अमरोहा पुलिस की मुठभेड़ में लगभग 25 राउंड गोलियां चलीं। तीन गोलियां अनवर के पैर में लगीं जबकि तत्कालीन एसओ धर्मेंद्र सिंह को गोली लगी, लेकिन वो बुलेटप्रूफ जैकेट होने की वजह से बच गए थे।
हटेला की दिल्ली रवानगी के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस
अमरोहा। अनवर उर्फ हटेला कुख्यात इरफान उर्फ छेनू गैंग का सदस्य था। नासिर गैंग से रंजिश में 22 अक्तूबर 2017 उसने अपने साथियों के साथ स्कूटी पर जा रहे वाजिद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। इस वारदात में वाजिद की 20 से ज्यादा गोली लगने के चलते मौत हो गई थी। इस वारदात के चंद घंटों बाद ही उसने आरिफ हुसैन नामक युवक की 15 से ज्यादा गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने दिल्ली के जफराबाद और भजनपुरा इलाके दोनों वारदातों को अंजाम दिया था। इन हत्याओं का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था। पुलिस की माने तो वह तिहाड़ जेल में बंद छेनू पहलवान के इशारे पर वह काम करता था। अनवर हटेला के पैरोल पर आने के बाद अमरोहा पुलिस की सांसे अटक गई। दोपहर तीन बजे हटेला के दिल्ली रवाना के बाद स्थानीय पुलिस ने राहत की सांस ली।
पत्नी को साथ लेकर चलता था हटेला
अमरोहा। कुख्यात अनवर की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि घर से बाहर जाते समय वह गाड़ी में अपनी पत्नी को बिठाकर चलता था। जिससे रास्ते में जांच के दौरान पुलिसकर्मी उस पर शक ना कर सकें। आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के आरोप में वह पहली बार वह 2014 में गिरफ्तार हुआ था।