सैदनगली। नगर में महल वाली शिया जामा मस्जिद से मौला ए कायनात हज़रत अली की यौमे ज़र्बत के सिलसिले से शबीहे ताबूत बरामद हुआ। सर्वप्रथम फ़ज्र की नमाज़ के बाद मजलिस हुई। जिसमें मर्सियाखुवानी नसीमुल हसन और हमनवा ने की।
मजलिस को मौलाना हसन रज़ा मुज़फ्फरनगरी ने ख़िताब करते हुए कहा कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम कायनात में सबसे बहादुर थे। रसूल ने कहा था कि मैं इल्म का शहर हूं और अली उसका दरवाज़ा है। मजलिस के बाद ताबूत बरामद हुआ। मौला अली के शबीहे ताबूत पर भाजपा जिला महामंत्री अभिनव कौशिक, सभासद अमित गुर्जर अभय त्यागी ने फूल चढ़ाए। जुलूस में नोहे सुहैल अब्बास, मुहम्मद हैदर, मिसाल अब्बास ने पढ़े। संवाद