अमरोहा। दामाद-ए-रसूल हजरत अली की यौम-ए-शहादत पर शहर में शबीहे ताबूत बरामद किए गए। मजलिसों का दौर चला। जिसमें हजरत अली की शहादत का जिक्र किया गया।
नगर के मोहल्ला मंडी चौब स्थित मस्जिद में सुबह नमाज के बाद मौलाए कायनात, अमीरूल मोमिनीन हजरत अली की शहादत पर मजलिस आयोजित हुई। जिसकी सोजख्वानी मास्टर तबारक अली व हमनवां ने की। ताबूत बरामद किया गया। जो गश्त करके अजाखाना मोहम्मद यूसुफ में जाकर समाप्त हुआ। मौलाना शाहदाब हैदर ने हजरत अली की शाहदत पर कहा कि जब इस्लाम व पैं का कोई मददगार नहीं था, उस समय हजरत अबुतालिब व उनकी औलाद ने पैगम्बर का साथ दिया। 21 रमजान को आप की शहादत हो गई। इसी सिलसिले में मौला अली के मानने वाले शहादत की याद हर साल मनाते हैं। अदनान हैदर राजन ने नौहा अली अली हाय अली रोके ये जैनब ने कहा अली अली हाय अली पढ़ कर माहौल को गमगीन बना दिया। आयोजक मुजाहिद अब्बास, मेराज रजा, अली हस्नैन, आसिफ निसार, अरशद कमाल, हैदर जिया आदि मौजूद रहे।