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चैत्र नवरात्र के सातवें दिन हुई मां कालरात्रि की पूजा

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अमरोहा। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना विधिविधान के साथ की गई। आज अष्टमी मनाई जाएगी। जिले भर में उत्साह का माहौल नजर आया। भक्तों ने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए घर और मंदिरों में रहकर माता रानी की आराधना की।
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पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की गई। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सातवां रूप देवी कालरात्रि है। इसलिए नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। स्याह रात्रि के समान माता का स्वरूप काला है। कालरात्रि माता के बाल खुले हुए हैं और गर्दभ की सवारी करती हैं। यह रूप काफी विकराल और भयानक है लेकिन, बहुत फलदायी है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में प्रवेश कर जाता है। मां काली को शुभंकारी भी कहते हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। यह ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली देवी हैं। ऐसे लोग जो किसी कृत्य प्रहार से पीड़ित हो और उन पर किसी अन्य तंत्र-मंत्र का प्रयोग हुआ हो, वह इनकी साधना कर समस्त कृत्यों तथा शत्रुओं से निवृत्ति पा सकते हैं।
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