65 वर्षीय वृद्धा के साथ दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सुनवाई के दौरान बयान दर्ज कराने के डेढ़ माह बाद पीड़िता की घर पर ही मौत हो गई थी। दोषी जमानत पर बाहर था। फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाली 65 वर्षीय वृद्धा 11 सितंबर 2018 की दोपहर पास के गांव निवासी ग्राम प्रधान के घर किसी काम से जा रही थी। तभी ढकिया खादर गांव निवासी 22 वर्षीय वीरपाल ने वृद्धा को गन्ने के खेत में खींच लिया और उनके साथ दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने वीरपाल सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद वीरपाल जमानत पर जेल से बाहर आ गया। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के करीब डेढ़ माह बाद पीड़िता की अपने घर पर ही मौत हो गई थी। ये मुकदमा के डीजे चतुर्थ सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम भरोसे ने पैरवी की। आरोपी और अभियोजन पक्ष को सुनने के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर वीरपाल को दोषी करार दिया। साथ ही उसे 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जबकि 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
दोषी को सजा दिलाने में डीएनए रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामभरोस के अनुसार पुलिस ने पीड़िता के कपड़े व आरोपी के कपड़ों को जांच के लिए भेजा था। डीएनए रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों और आरोपी के कपड़ों में मिले रक्त, स्पर्म के कण एक समान पाए जाने की पुष्टि हुई थी। डीएनए जांच रिपोर्ट आरोपी को सजा दिलाने में एक प्रमुख कड़ी बनी।