अमरोहा। दस महीने पहले पांच साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म के दोषी मध्य प्रदेश निवासी अर्जुन उर्फ बहरा को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में बंद था। उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह घटना रजबपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। परिजनों के मुताबिक गांव निवासी किसान का पांच वर्षीय बेटा नौ नवंबर 2024 को घर के बाहर खेल रहा था। तभी पड़ोसी किसान का मध्य प्रदेश के रिवा का रहने वाला नौकर अर्जुन उर्फ बहरा बच्चे को बहलाकर गन्ने के खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की जानकारी होने पर बच्चे के चाचा और उनके परिवार के सदस्य शिकायत करने पहुंचे तो नौकर अर्जुन ने मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित बच्चे के चाचा ने पड़ोसी और उनके नौकर अर्जुन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने नौकर अर्जुन उर्फ बहरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले में पुलिस ने विवेचना की और मुकदमे से पड़ोसी का नाम निकालकर नौकर अर्जुन के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी अर्जुन उर्फ बहरा को दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
एफएसएल रिपोर्ट बनी मजबूत साक्ष्य
विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी अर्जुन को सजा दिलाने में एफएसएल रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। एफएसएल रिपोर्ट में बच्चों के साथ हुई दरिंदगी की पुष्टि हुई।
दुष्कर्म व पॉक्सों एक्ट से जुड़ी बीनएएस की नई धाराओं में यह पहली सजा
विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने बताया कि नए कानून बीएनएस से जुड़ी दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की नई धाराओं में जिले की यह पहली सजा है।
नौ महीने में सुनवाई पूरी कर न्यायालय ने सुनाया फैसला
रजबपुर क्षेत्र के गांव में पांच साल के बच्चों के साथ दुष्कर्म की घटना 9 नवंबर 2024 को हुई थी जबकि 10 नवंबर को घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस में मजबूत साक्ष्यों के साथ विवेचना पूरी कर 40 दिन के भीतर 120 पेज की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। इसके बाद 24 दिसंबर 2024 को न्यायालय ने पहली सुनवाई की। इसके बाद लगातार चलीं सुनवाई के बीच न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और करीब नौ महीने के भीतर आठ सितंबर 2025 फैसला सुनाते हुए आरोपी अर्जुन उर्फ बहरा को दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।