गजरौला। तिगरी मेले की सुरक्षा किलेनुमा रहेगी। चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एक एसपी, दो एएसपी व 12 सीओ पर मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहेगी। इसके अलावा 70 इंस्पेक्टर, 150 महिला दरोगा समेत चार हजार पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। मेले में कोतवाली बनने के साथ ही उसमें बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों ने आमद शुरू करा दी है।
तिगरी में गंगा तट पर लग रहा गंगा मेला आस्था के साथ ही प्राचीन इतिहास को समेटे हुए है यहां पर दस जिलों से अधिक के श्रद्धालु हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान कर पुण्य कमाते हैं। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि मेले का पूजन देवोत्थान एकादशी को किया जाएगा। पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान होगा।
मेले में इस बार 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेला गंगा किनारे लग रहा है। कांकाठेर व मोहरका पट्टी के सामने दूर तक जंगल है। ऐसे में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, दुकानदारों, किसान यूनियन, सामाजिक संगठनों और महासभाओं से जुड़े के लोगों की सुरक्षा को चाक चौबंद रखना और भी चुनौती है। सुरक्षा को किलेनुमा करने और चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाने के लिए चार हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। लखनऊ समेत कई जिलों से पुलिसकर्मी मेले में आने लगे हैं। सीओ अंजलि कटारिया ने बताया कि मेले में बाहर से पुलिसकर्मियों की आमद शुरू हो गई है। एक कंपनी पीएसी जवान आ गए हैं।
यह पुलिस बल रहेगा मुस्तैद
एसपी 1
एएसपी 2
सीओ 12
इंस्पेक्टर 70
दरोगा 600
महिला दरोगा 150
मुख्य आरक्षी 450
आरक्षी 1350
महिला मुख्य आरक्षी 170
महिला आरक्षी 350
गंगा मेला की कोतवाली में शुरू हुई पुलिस की जीडी
तिगरी मेले में मेला कोतवाली कई दिन पूर्व बन गई। उसके परिसर में अफसरों के शिविर लगाने का काम कई दिन से चल रहा है। मेले में जीडी शुरू हो गई है। मेला कोतवाली में ही बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों की आमद कराई जा रही है। यहां पर तैनात पुलिसकर्मी राहुल कुमार व आकाश कुमार बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी के कार्ड वितरण कर रहे हैं। शनिवार या रविवार से मेले में एफआईआर दर्ज करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।