अमरोहा। 13 दिन में रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम के हत्थे दूसरा सरकारी कर्मचारी चढ़ा है। इस महीने भ्रष्टाचार निवारण टीम की यह दूसरी कार्रवाई थी। इससे पूर्व एक दरोगा को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल एंटी करप्शन की कार्रवाई से जिले के रिश्वतखोरों में हड़कंप मचा हुआ है।
13 सिंतबर को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने कचहरी चौकी में तैनात दरोगा नन्हे बाबू को शहर के एक पेट्रोल पंप पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि दरोगा ने ये रिश्वत मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर वादी के पति से ली थी। एंटी करप्शन की टीम ने दरोगा के खिलाफ डिडौली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बाद में दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। दरोगा को बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं बुधवार को एक बार फिर एंटी करप्शन की टीम जिले में आ धमकी। इस बार एंटी करप्शन हत्थे अपर जिला सूचना अधिकारी चढ़ गए। टीम ने इन्हें कार्यालय के बाहर पांच हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
किसान से घूस लेते पकड़ा था चकबंदी कानूनगो
अमरोहा। रिश्वतखोरों को पकड़ने के लिए एंटी करप्शन की टीम पहले भी जिले में अपनी दस्तक दे चुकी है। 17 अगस्त 2018 को एंटी करप्शन की टीम ने चकबंदी कानूनगो महेंद्र सिंह को भी पांच हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। कानूनगो ने जोया क्षेत्र के श्यौनाली गांव निवासी किसान शहजाद यूसुफ से लाखों रुपये लेने के बाद भी चक बिगाड़ दिया था। सही करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे थे। शिकायत पर रंगे हाथ पकड़ कर टीम अपने साथ ले गई थी। वहीं 2013 में पपसरा चौकी में तैनात दरोगा को रिश्वत लेते समय एंटी करप्शन ने रंगे हाथ पकड़ा था।