स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। दो अस्पताल और दो पैथोलॉजी लैब को सील किया गया। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नोडल अधिकारी ने सभी संचालकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बुधवार को नोडल अधिकारी डॉ. शरद टीम के साथ सबसे पहले गजरौला में भानपुर फाटक स्थित आस्था मेडिकेयर पर पहुंचे। यहां संचालक सुमेर चौधरी से अस्पताल पंजीयन संबंधित कागज मांगे। लेकिन, वह दिखा नहीं सके। अस्पताल में भर्ती मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अस्पताल अवैध रूप से संचालित मिलने पर उसे सील कर दिया गया।
इसके बाद थोड़ी दूर स्थित समर नर्सिंग सेंटर पर टीम पहुंची और यहां संचालक नोडल अधिकारी को देखकर भाग निकला। इस अस्पताल में भी तीन मरीज भर्ती पाए गए। जिन्हें सीएचसी गजरौला में भर्ती कराया गया। नोडल अधिकारी ने अस्पताल को भी सील कर दिया। इसके बाद टीम ने सिहाली जागीर स्थित चमन पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। यहां भी संचालक कमरुद्दीन कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। लिहाजा टीम ने पैथोलॉजी लैब को भी सील कर दिया।
टीम रजबपुर थानाक्षेत्र की अतरासी चौराहे पर पहुंची। यहां अवैध रूप से चल रही मन्नत पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। यहां भी संचालक शाने आलम लैब के पंजीयन संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। सीएमओ ने बताया कि चारों अस्पताल और पैथोलॉजी लैब को सील कर संचालकों को नोटिस दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।