छात्रों की उपस्थिति पंजिका भी आधी अधूरी है। निरीक्षण के बाद कार्रवाई के लिए निरीक्षण रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेज दी है। डीएम बीके त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में गैर सरकारी मदरसों के सर्वे के लिए सरकार ने एक फॉर्मेट तैयार किया है जिस पर जनपद की सभी तहसील के अंतर्गत आने वाले मदरसों की 12 बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच कराने का उद्देश्य बेहतर शिक्षा व्यवस्था करना है। जांच में पता लगाया जाएगा कि मदरसों का वित्त पोषण कहां से हो रहा है, किस मदरसे में कितने बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं।
इन 12 बिदुंओं पर हो रही जांच
मदरसे का नाम, मदरसे को संचालित करने वाली संस्था, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण (निजी अथवा किराए का भवन), क्या मदरसे का भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयुक्त है? (सुरक्षित भवन, पेयजल, फर्नीचर, विद्युत आपूर्ति, शौचालय आदि), मदरसे में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की कुल संख्या क्या है, मदरसे में कुल शिक्षकों की संख्या क्या है, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम क्या है, मदरसे की आय का स्रोत क्या है, क्या इन मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं किसी और शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकित हैं, क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसा संबद्ध है, अगर हां तो विवरण देना होगा। इन सभी बिंदुओं की मौके पर जांच की जा रही है।