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ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोडे़ंगी वैज्ञानिक डॉ.प्राची पटेल

सार

कृषिविज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों की जिंदगी में समृद्धि लाने का बीड़ा उठाया है।ग्रामीण अंचलों में तैयार दवाओं से ही फसलों के बचाव की जानकारी देंगे।नई प्रजातियों के बीज से खेती करने की जानकारी देंगे डॉ.अमित तोमरवैज्ञानिक डॉ. अमित तोमर ने जनपद का नीलीखेड़ी गांव गोद लिया है।
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विस्तार
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कृषिविज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों की जिंदगी में समृद्धि लाने का बीड़ा उठाया है। वैज्ञानिकों ने जनपद के चार गांव गोद लिए हैं। इनमें शामिल महिला वैज्ञानिक डॉ.प्राची पटेल गांव की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जागरूक करेंगी, जबकि बाकी वैज्ञानिक फसल सुरक्षा, पशुओं में लगने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देंगे।
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कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ.एके मिश्र का कहना है कि चारों वैज्ञानिकों ने गांव गोद ले लिए हैं और ग्रामीणों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। जिस गांव में भी जरूरत पड़ रही है, वहां पर वह खुद, डॉ.शीशपाल सिंह, डॉ.आरपी सिंह सहित सभी वैज्ञानिक ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। वैज्ञानिकों का मकसद गांवों को समृद्ध करना है।
वैज्ञानिक डॉ.प्राची पटेल ने गोद लिया फतेहपुर शुमाली
कृषिविज्ञान केंद्र पर जल्द में स्थानांतरण होकर आईं डॉ.प्राची पटेल ने जनपद का फतेहपुर शुमाली गांव गोद लिया है। वह गांव की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जागरूक करेंगी। दीये, करवे, साबुन व पॉटरी बनाने और घरों को सजाने के लिए झालर आदि बनाने की जानकारी देंगी। उत्पादन की सामग्री मुहैया कराई जाएगी और बाजार भी उपलब्ध कराए जाएंगे। घर-घर पोषण वाटिका तैयार करने को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए उनको केंद्र की तरफ से बीज मुहैया कराए जाएंगे। गर्भवती महिलाओं को जागरूक करेंगी कि उनको क्या सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए क्या-क्या पौष्टिक चीज जरूरी हैं। आंगनबाड़ी और आशाओं को भी जानकारी देंगी कि गांव की महिलाओं, युवतियों और किशोरियों के लिए और क्या करना चाहिए।
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डॉ. हादी हसन फसलों को बचाव की देंगे जानकारी
फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. हादी हसन ने रायपुर शुमाली गांव को गोद लिया है। वह ग्रामीणों को जागरूक करेंगे कि धान, गन्ना, तिल और सब्जियों की फसलों में रोग लगने के क्या लक्षण हैं। रोग और कीटों से किस तरह फसल को बचायाजाए। ग्रामीण अंचलों में तैयार दवाओं से ही फसलों के बचाव की जानकारी देंगे। इससे किसान की फसल सुरक्षा पर खर्च होने वाली धनराशि की बचत होगी। उनका मानना है कि किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा।
पशु पालकों को दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए कुमराला गोद लिया
कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ.रोशन कुमार सिंह ने कुमराला गोद लिया है। उन्होंने बताया कि पशुओं में बांझपन की समस्या बढ़ती जा रही है। जवान होने पर बड़ी संख्या में पशु गर्भाधान के लिए भी जल्दी तैयार नहीं हो रहे। इसके अलावा बहुत पशु ऐसे हैं, जिनका कई-कई बार गर्भाधान कराना पड़ता है। वह ग्रामीणों को जागरूक करेंगे कि दूध उत्पादन वृद्धि के लिए ग्रामीणों को क्या करना चाहिए। पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देंगे।
नई प्रजातियों के बीज से खेती करने की जानकारी देंगे डॉ.अमित तोमर
वैज्ञानिक डॉ. अमित तोमर ने जनपद का नीलीखेड़ी गांव गोद लिया है। वह किसानों को जागरूक करेंगे कि पुराने बीजों से खेती के कारण अच्छी पैदावार नहीं ले पा रहे किसान। किसानों को धान, गेहूं, गन्ना, सब्जियों, दलहन, तिलहन की नई-नई प्रजातियों के बीज से खेती करने को जागरूक करेंगे। प्रचार, प्रसार के साथ ही प्रशिक्षण व प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों को जानकारी देंगे। जिससे खेतीबाड़ी घाटे का सौदा न रहे।
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