तीन सालों में प्रदेश के आठ मुख्य संसदीय सचिवों ने पेट्रोल पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर दी।
जिला अस्पताल में मरीज के साथ आए नेताजी ने मर्यादा लांघ कर अपनी पार्टी को शर्मसार कर दिया। उनकी ओर से स्टाफ नर्स से अभद्रता किए जाने से हंगामा हो गया। नर्स की शिकायत पर अधिकारियों ने उनके साथी को होमगार्डों के जरिए पकड़वा लिया। इस बीच मामला बढ़ता देख पहुंचे नेताजी ने नर्स से गलती की माफी मांगकर पीछा छुड़ाया। घटना से पुलिस पूरी तरह घटना से अनभिज्ञ बनी हुई है।
जोया मार्ग किनारे स्थित जिला अस्पताल में दोपहर करीब एक बजे एक मरीज के साथ कई तीमारदार आ गए। डाक्टर ने मरीज को परीक्षण के बाद दवाई दी। बाद में मरीज को वार्ड में भर्ती कराने को कहा। मरीज को भर्ती कराया ही गया था कि, तीमारदारों में शामिल सपा के नेताजी ने स्टाफ नर्स से सवाल जवाब शुरू कर दिए।
आरोप है कि, भला बुरा भी कहा।
नेताजी ने मर्यादा लांघनी शुरू कर दी तो घबराई नर्स सीधे सीएमएस के पास पहुंच गई और घटना की जानकारी दी। इधर, मामले की जानकारी पर स्टाफ भड़क गया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड बुला लिए और आरोपी को पकड़ने को कहा।
इस पर होमगार्ड नेताजी के साथी को पकड़कर ले गए, जबकि नेताजी गच्चा देकर भागने में सफल रहे। इस बीच सीएमएस ने मरीजों के जरिए संबंधित नेता को बुलवाया। मामला बढ़ता देख कुछ देर बाद वे अस्पताल आ गए। बाकायदा सीएमएस कक्ष में जाकर उन्होंने स्टाफ नर्स से माफी मांगी और भविष्य में इस तरह की हरकत न दोहराने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने स्टाफ को समझाकर मामले को निपटा दिया।