बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएम निधि गुप्ता वत्स रहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा सम्मान प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। शिक्षा से जब विनम्रता आती है तो वह सम्मान दिलाती है। यह संसार दानवीरों और दूरदर्शी व्यक्तित्वों का हमेशा ऋणी रहेगा। वास्तव में साहू जगदीश सरन सच्चे अर्थों में एक महामानव और अमरोहा के मालवीय थे। हम सभी का कर्तव्य है कि हम उनके आदर्श और संकल्पों को पूरा करें। प्रबंध समिति अध्यक्ष संजय मालीवाल ने कहा कि साहू जी के दान, कल्याण और जनोपकार के कारण उनके श्रेष्ठ प्रतिमान आज भी समाज के अतीत की गौरव गाथाओं के रूप में गाई जा रही हैं।
विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. अशोक रुस्तगी, प्राचार्य, केए पीजी कॉलेज, कासगंज ने कहा कि साहू जी ने जन कल्याण के भाव से महाविद्यालय रूपी जो पौधा समाज में रोपित किया था, वह आज बट वृक्ष बनकर पूरे समाज के नागरिकों को सेवारूपी शीतल छाया और औषधीय सादृश्य शिक्षा प्रदान कर रहा है। जयंती समारोह का संचालन डॉ. अरविंद शास्त्री ने किया। इस दौरान अध्यक्ष प्रबंध समिति के मंत्री योगेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष लीलाधर अरोड़ा, कोषाध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता, प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ. पीके जैन मौजूद रहे।
इन्हें मिला सम्मान....
सम्मान समारोह में श्रीदेवी जैन बाॅटनी रजत पदक सम्मान एमएससी फिफ्थ सेमेस्टर की सारा मेहवास, एमएससी फिफ्थ सेमेस्टर की संध्या, एमएससी फिफ्थ सेमेस्टर की रोमाना अरशद को, श्री अभिनंदन कुमार जैन स्मृति प्रतिभा पुरस्कार बीए तृतीय वर्ष में अलशिफा नूर, बीकॉम तृतीय वर्ष पलक चौधरी, बीएससी तृतीय वर्ष स्वाति चौहान, श्री सुमित कुमार जैन स्मृति प्रतिभा पुरस्कार अल शिफा नूर, पलक चौधरी, स्वाति चौहान को, डॉ. हरिओम अग्रवाल स्मृति पुरस्कार हिमांशी चौधरी एमए भूगोल थर्ड सेमेस्टर, अर्पित चौधरी बीए थर्ड सेमेस्टर को, राष्ट्रीय सेवा योजना सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक पुरस्कार दीप कुमार बीए फोर्थ सेमेस्टर और रश्मि को दिया गया। एनएसएस में विशेष योगदान के लिए इकाई के प्रभारी डॉ. पीयूष शर्मा को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त अपनी अपनी कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले सभी छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया।