मंडी धनौरा। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी सेना में शामिल अमरोहा के फतेहपुर छीतरा निवासी अक्षय कुमार की रिहाई के लिए भारतीय दूतावास ने रूसी रक्षा मंत्रालय के समक्ष मामला उठाया है। परिवार की ओर से भेजे गए ई-मेल के जवाब में मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि अक्षय को रूसी सेना से जल्द मुक्त करने और उसकी कुशलता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही दूतावास ने जानकारी दी कि अक्षय ने रूसी नागरिकता हासिल कर ली है और उसके पास रूसी पासपोर्ट भी है।
अक्षय के भाई अमन ने 11 अगस्त को भारतीय दूतावास को भेजे ई-मेल में बताया था कि अक्षय एक अक्तूबर 2004 को अमरोहा में पैदा हुआ है। वह 18 दिसंबर 2024 को रूस गया था और बाद में रूसी सशस्त्र बलों के साथ एक साल के अनुबंध में शामिल हो गया। परिवार के अनुसार उसकी तैनाती मॉस्को से करीब 800 किलोमीटर दूर यूक्रेन बॉर्डर के पास एक क्षेत्र में है। अक्षय ने परिजनों से बातचीत में रूसी सेना छोड़कर भारत लौटने की इच्छा जताई थी। परिवार ने बताया था कि अक्षय से कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। उसे युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने की आशंका से परिजन चिंतित थे। ई-मेल में दूतावास से अक्षय से संपर्क स्थापित करने, उसकी स्थिति और स्थान की पुष्टि करने, रूसी अधिकारियों से रिहाई की पैरवी करने और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सुरक्षित भारत वापसी में मदद का अनुरोध किया गया था। इसके साथ भारतीय पासपोर्ट की प्रति, रूसी सैन्य पहचान पत्र की तस्वीर और सेना से संबंधित अनुबंध भी भेजे गए थे। 30 अगस्त को परिवार ने दोबारा दूतावास को ई-मेल भेजकर बताया कि अक्षय से कई दिनों से बात नहीं हो पा रही है। इसके बाद 12 सितंबर को भाई अमन ने विदेश मंत्रालय को भी ई-मेल किया। उन्होंने बताया कि करीब 20 दिनों से परिवार की अक्षय से बातचीत नहीं हुई है। परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है और उनकी मां की तबीयत भी खराब है। अमन ने यह भी बताया कि वह दो सितंबर को विदेश मंत्रालय के कार्यालय गया था। अमन के ई-मेल के बाद विदेश मंत्रालय की यूरेशिया डिविजन की उप सचिव अदिति वालुंज ने मॉस्को स्थित भारतीय मिशन से मामले में जवाब देने और मंत्रालय को अवगत कराने को कहा। इसके जवाब में दूतावास के कांसुलर विंग ने बताया कि रूसी रक्षा मंत्रालय से अक्षय की रिहाई का अनुरोध किया जा चुका है। दूतावास ने यह भी कहा कि रूसी पक्ष ने अक्षय के रूसी नागरिक होने के आधार पर उसे रिहा करने से इनकार किया है। इसके बावजूद भारतीय मिशन ने रूसी अधिकारियों से उसकी रिहाई के लिए दोबारा अनुरोध किया है। परिवार अब भारतीय दूतावास की इस पहल के बाद अक्षय की सुरक्षित रिहाई और भारत वापसी की उम्मीद लगाए हुए है।
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11 अगस्त को दूतावास ने दिया जवाब
भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव (कांसुलर) हार्देश गिरि ने 11 अगस्त को परिवार को जवाब दिया। उन्होंने बताया कि दूतावास ने रूसी रक्षा मंत्रालय के समक्ष अक्षय की रिहाई का मामला उठाया है। जवाब में यह भी कहा गया कि अक्षय रूसी नागरिक के रूप में रूसी सेना में शामिल हुआ है और उसने रूसी पासपोर्ट प्राप्त कर लिया है। इसके बाद 12 अगस्त को अमन ने फिर ई-मेल भेजकर बताया कि अक्षय ने परिवार को अनुबंध के दौरान नागरिकता सहित कई लाभ दिए जाने की बात कही थी। उनका कहना था कि अनुबंध रूसी भाषा में था, जिसे अक्षय पूरी तरह समझ नहीं सका। परिवार ने उससे जल्द संपर्क कराने और उसे अग्रिम मोर्चे पर भेजे जाने से बचाने की अपील की।