अमरोहा। जोया में ब्लाक प्रमुख चुनाव के मतदान के दौरान जमकर बवाल हुआ। पुलिस के सामने ही सपा और भाजपा समर्थकों में मारपीट हुई। दहशत फैलाने के उद्देश्य से कुछ लोगों ने ओवरब्रिज पर खड़े होकर पांच-छह राउंड हवाई फायरिंग की। जमकर पथराव किया गया। पुलिस ने बवाल करने वाले लोगों पर लाठी भांज कर खदेड़ दिया। बवाल के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्यों में दहशत का माहौल बना रहा। आसपास के लोग घरों में दुबक गए। इस मामले पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस फायरिंग की घटना से इनकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि फायरिंग नहीं हुई है, बाइक के साइलेंसर की आवाज थी।
शनिवार को अमरोहा जनपद के पांच ब्लॉकों में ब्लाक प्रमुख पद के लिए मतदान हुआ। ग्यारह बजे से वोटिंग शुरू हुई। सुरक्षा के लिहाजा से पुलिस प्रशासन ने जोया चौराहे से भाजपा समर्थित बीडीसी सदस्यों को ब्लॉक में जाने की अनुमति दी गई। जबकि सपा समर्थित सदस्यों को साप्ताहिक बाजार की तरफ से एंट्री दी गई। मतदान शांतिपूर्ण चल रहा था। करीब साढ़े बारह बजे कुछ उपद्रवियों ने ब्लॉक के सामने ओवरब्रिज पर पहुंचकर पांच से छह राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग की घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इससे पहले पुलिस कुछ समझ पाती उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके तत्काल बाद भाजपाइयों ने सपा समर्थित क्षेत्र पंचायत सदस्यों के एंट्री स्थल पर कब्जा कर लिया। भाजपाइयों ने सपा समर्थित प्रत्याशी के समर्थन में वोट करने वाले सदस्यों के बगैर जांच के भेजने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही एडीएम विनय कुमार और एएसपी अजय प्रताप सिंह, एसडीएम विवेक यादव और सीओ सिटी सतीश पांडेय मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और भाजपाइयों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। तभी भारी संख्या में सपाई पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस के सामने ही सपा और भाजपा समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। जिसके बाद पुलिस ने बवालियों को लाठी भांज कर खदेड़ दिया। बवाल की घटना क्षेत्र पंचायत सदस्यों में दहशत का माहौल बन गया। वहीं ब्लॉक के आस-पास के लोग दहशत के मारे घरों में दुबक गए। पुलिस ने कई बार लाठी भांजकर हंगामा और बवाल करने वालों को खदेड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक बवाल की स्थिति बनी रही।
ब्लाक प्रमुख चुनाव का मतदान शांतिपूर्ण रहा है। जोया में एक जगह कुछ युवक बाहर के देखे गए थे। उनका आपस में विवाद हुआ था तो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। बाइक की आवाज से फायरिंग होने जैसा भ्रम पैदा हुआ था। फायरिंग नहीं हुई थी। कहीं पर भी अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होने दी गई।
-पूनम, एसपी, अमरोहा