गजरौला। लगातार बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़ जा रहे पानी से गंगा अभी भी उफान पर है। रविवार को भी तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर रहा। हालांकि पिछले दिनों से जलस्तर स्थिर है लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई है। गंगा के पानी से क्षेत्र की कई सड़कों कट गई है। रास्तों और खेतों में बाढ़ का पानी भरा है।
किसानों की फसलें बर्बाद रही है। लोग जान जोखिम में डालकर खेतों में जाने को मजबूर है। सड़कें टूटी होने और रास्तों पर बाढ़ का पानी भरा होने से किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों के पलटने का डर रहता है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को प्रशासन से मदद का इंतजार है।
पिछले कई दिन से तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर पर ठहरा हुआ है। उधर, रविवार को भी बिजनौर बैराज से 1,60,813 क्यूसेक पानी छोड़े गया। हालांकि, गनीमत रही कि गंगा का जलस्तर स्थिर रहा। उधर, गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान 202.00 मीटर के करीब ही बह रही है। जिससे खादर क्षेत्र के गांवों दारानगर, टीकों वाली, शीशों वाली, भुड्डी वाली गांव के ग्रामीणों सामने समस्याओं के अंबार हैं। वह चकनवाला, मुरादपुर, अलीनगर, नौनेर, बहलोलपुर से चारा ले जाकर पशुओं का पेट भर रहे हैं।
चकनवाला के सामने तट बांध किनारे की सड़क बाढ़ से कट जाने के कारण गहरा नाला बन गया है। इसे पार करते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने का खतरा रहता है। उधर, ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर, तिगरी, मोहम्मदाबाद, पपसरा खादर आदि गांवाें के ग्रामीणों को भी बाढ़ के कारण खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि जल स्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है। तिगरी में गंगा का जल स्तर 200.70 मीटर पर ठहर गया है।
आरोप, जनप्रतिनिधि नहीं ले रहे सुध, वीडियो वायरल
रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की बताई जा रही है। इसमें कई बुजुर्ग बाढ़ के पानी के पास खड़े हैं। वीडियो में बाढ़ से बर्बाद फसलें भी दिखाई दे रही हैं। ग्रामीण लोग स्थानीय सांसद पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि बाढ़ से चकनवाला, मुरादपुर, शरीफपुर, अलीनगर समेत कई गांवों की फसल तबाह हो गई। लोग जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। स्थानीय सांसद ने बाढ़ से तबाह हुए ग्रामीणों के आंसू पोंछने तो दूर, उनकी सुध भी नहीं ली।