गर्मी में मच्छरों का आतंक बढ़ने लगा है। लोग बुखार-डायरिया व अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। डेंगू और मलेरिया की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील श्रेणी में शामिल 83 गांव में जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसकी जिम्मेदारी आशाओं को दी गई है। उधर, विभाग की ओर से दस अप्रैल से संचारी रोग अभियान भी चलाया जा रहा है।
अप्रैल माह में मौसम में तेजी से बदलाव आया है। कई दिन से तेज धूप निकलने से मौसम गर्म हो रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी शुरू हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। पिछले साल जहां डेंगू के केस मिले थे, स्वास्थ्य विभाग ने उन गांवों को चिह्नित कर संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया है। इनमें सबसे ज्यादा 17 गांव धनौरा ब्लॉक के हैं। जबकि, हसनपुर ब्लॉक क्षेत्र के 16, जोया ब्लॉक क्षेत्र के 16, गजरौला क्षेत्र के 13, गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के 11 और अमरोहा ब्लॉक क्षेत्र के 10 गांव शामिल हैं।
इन 83 गांवों में पिछले साल 2024 में डेंगू के 106 केस सामने आए थे। इनमें 61 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के 7 केस भी मिले थे। इस साल इन गांवों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। अगर इन गांवों में डेंगू का कोई केस मिलता है तो तत्काल वहां पर एंटी लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव, फॉगिंग आदि कराई जाएगी।
- जिन स्थानों पर पिछले साल डेंगू व मलेरिया के केस मिले थे, वहां पर विभाग की तरफ से निगरानी की जा रही है। इससे पहले साल 2023 में इन गांवों में डेंगू के 757 केस सामने आए थे। इनमें 267 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। जबकि, मलेरिया के 52 केस भी मिले थे। इस साल डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए आशाओं ने लोगों को जागरूकता करना शुरू कर दिया है। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ