अमरोहा। समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के तहत प्रथम सत्र में आई एम कॉलेज के सभा कक्ष में प्रधानाचार्य डॉ. जमशेद कमाल की मौजूदगी में शिक्षकों, छात्रों के सुझाव प्राप्त के लिए विचार-विमर्श एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्य ने कहा कि विकसित भारत 2047 पीएम मोदी की एक दूरदर्शी पहल है। इसके तहत मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सुशासन, नारी शक्ति को प्रबल बनाने, सभी को समान अवसर प्रदान करने और एक समर्थ एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मुहिम शुरू की है। वर्ष 2047 में जब हमारी आजादी के सौ वर्ष पूरे होंगे। उस समय हम कैसा भारत चाहते हैं। यह आज की युवा पीढ़ी की परिकल्पना और प्रयासों पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की महती भूमिका होगी। आने वाले समय की बागडोर हमारी युवा पीढ़ी के हाथों में होगी। सौ वर्षों की स्वतंत्रता के उपरांत भारत के विकास का स्वरूप उनके ज्ञान, तकनीकी दक्षता और संसाधनों पर आधारित होगा। हमारे लिए गर्व का अवसर है। हम अभी से भविष्य की तैयारी कर रहे हैं। कहा कि आज की बदलती परिस्थितियों में नई प्रौद्योगिकी के साथ तालमेल बैठाना, क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों का समाधान, आईटी सेक्टर की प्रगति, और बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष ध्यान देना होगा। संचालन हुसैन मोहम्मद ने किया। इस दौरान सतीश शर्मा, अनवर नकवी, इरफान बाकरी, मुजाहिद अब्बास नकवी, आफताब हसनैन आदि शिक्षक मौजूद रहे।
अब तक आए ढाई लाख फीडबैक
विकसित यूपी के लिए अब तक ढाई लाख से ज्यादा फीडबैक आ चुके हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1.85 लाख से ज्यादा और नगरीय क्षेत्रों में करीब 70 हजार फीडबैक प्राप्त हुए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 90 हजार से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 1.36 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ग और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से करीब 30 हजार से अधिक सुझाव आए हैं। शिक्षा से जुड़े 90 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं। एटा, मेरठ, मुजफ्फनगर, सहारनपुर, शाहजहांपुर, मैनपुरी, कानपुर देहात, हरदोई आदि जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही है।