गजरौला। गन्ना विभाग में कई साल तक गड़बड़ी कर पौने पांच करोड़ का गबन करने में नौकरी गंवा चुके डीसीओ कार्यालय के बाबू आशीष सैनी द्वारा गायब किए गए कागजात अब दुरुस्त किए जा रहे हैं। इसके लिए गन्ना विकास परिषद के एकाउंटेंट ने अलग-अलग बैंकों से दो सौ पेज का स्टेटमैंट निकलवाया है।
डीसीओ कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर गजरौला गन्ना विकास परिषद और चंदनपुर गन्ना विकास परिषद की जिम्मेदारी थी। गजरौला गन्ना विकास परिषद में गबन की शिकायत मिलने पर उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र बरेली ने कराई थी। जांच में पौने पांच करोड़ रुपये गबन की पुष्टि हुई थी। इसके बाद बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने 17 मार्च 2023 को बाबू आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद गन्ना विभाग ने विभागीय जांच व पुलिस ने अपनी जांच शुरू की।
तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र सिंह ने गन्ना विकास परिषद के कंप्यूटर व रजिस्टर चेक किए। जांच में 2014-15 से 2022 तक के सभी रिकॉर्ड गायब मिले। आरोप है कि रिकॉर्ड उसने तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह से मिलकर गायब कर दिए थे। अब विभाग गायब किए गए रिकॉर्ड को दुरुस्त करा रहा है। इसके लिए विभाग ने पांच बैंकों से वर्ष-2014-15 से 2022 तक के आय-व्यय का स्टेटमैंट का निकलवाया है। गन्ना विकास परिषद के एकाउंटेंट को रिकॉर्ड दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। एकाउंटेंट का कहना है कि 200 पेज के स्टेटमैंट को दुरुस्त और दोबारा फीड कराना चुनौती है। इसे करने में कई दिन का समय लगेगा।
डीसीओ कार्यालय के साथ ही आशीष पर थी दो परिषद की जिम्मेदारी
डीसीओ कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर गन्ना विकास परिषद गजरौला के साथ ही गन्ना विकास परिषद चंदनपुर कार्यालय की भी जिम्मेदारी थी। उसके खिलाफ जांच करने वाली टीम ने पाया था कि वह 2012 से गड़बड़ी कर रहा था। उसने अलग-अलग बैंक से रकम की निकासी की। इसके अलावा अपनी पत्नी प्रीति सैनी के गन्ना विकास परिषद गजरौला व चंदनपुर के यूनियन बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक अमरोहा, एचडीएफसी अमरोहा, पंजाब नेशनल बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक गजरौला, एक्सिस बैंक गजरौला एवं जिला सहकारी बैंक के खाते में से रकम ट्रांसफर की थी। आशीष सैनी ने यूनियन बैंक अमरोहा से 23192102, एचडीएफसी बैंक अमरोहा से 5126836 व एचडीएफसी जोया से 510773 रुपये ट्रांसफर किए थे।
- डीसीओ कार्यालय के बाबू आशीष सैनी व तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह ने करीब पौने पांच करोड़ की धनराशि का गबन किया। उन्होंने गन्ना विकास परिषद गजरौला, गन्ना विकास परिषद चंदनपुर और डीसीओ कार्यालय से रिकॉर्ड गायब किए। परिषद के दस साल के रिकॉर्ड दुरुस्त कराए जा रहे हैं। -राम जीवन, गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास परिषद गजरौला