अमरोहा। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के आदेशों का उल्लंघन कर बिना प्रदूषण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र और बंदी आदेश के बाद भी संचालन करने पर आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई है। जिले के ऐसे 70 ईंट भट्टों को 27.56 करोड़ के जुर्माने के नोटिस प्रदूषण विभाग ने भेजे थे। पंद्रह दिन का समय बीतने के बाद भी जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव ने आरसी जारी कर दी है।
अमरोहा जिले में 165 ईंट भट्ठों का संचालन होता है। जनपद में 70 ऐसे ईंट भट्ठे भी हैं, जोकि प्रदूषण विभाग की बिना एनओसी के संचालित हो रहे हैं। ऐसे भट्ठों को बंद करने के लिए बंदी आदेश जारी किया गया था। लेकिन इसके बाद भी इन भट्ठों को संचालन होता रहा। प्रदूषण विभाग की जांच में 70 ईंट भट्ठे आदेशों का उल्लंघन कर चलते पाए गए। एनजीटी की सख्ती को देखते हुए प्रदूषण विभाग ने 70 भट्ठा संचालकों कार्रवाई कर दी। विभाग की ओर से इन सभी भट्ठा संचालकों पर 27 करोड़ 56 लाख, 31 हजार दौ सौ पचास रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना जमा करने को 15 दिनों का समय दिया गया था। लेकिन इस दौरान किसी भी भट्ठा स्वामी द्वारा जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई। समय सीमा बीतने के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के सदस्य सचिव ने ऐसे सभी 70 भट्ठा संचालकों के विरुद्ध जुर्माने की राशि वसूल करने के लिए आरसी जारी कर प्रशासन को भेजी है।
ऐसे लगाया गया था जुर्माना
सभी 70 ईंट भट्ठा संचालकों को बंदी आदेश की तारीख से बंदी आदेश के उल्लंघन की अवधि तक 6250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई में कई संचालक ऐसे हैं जिन पर 70 लाख रुपये से अधिक तक का जुर्माना भी लगा था।
डीएम पर जुर्माने के बाद जवाब देने की तैयारी में जुटे कर्मचारी
एनजीटी ने इस प्रकरण में डीएम अमरोहा द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट नहीं भेजने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जिसके बाद संबंधित कर्मचारी एनजीटी को रिपोर्ट भेजने में जुट गए।
प्रदूषण विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना बंदी आदेश के बाद भी संचालित हो रहे भट्ठों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई थी। निर्धारित समय में जुर्माना राशि जमा न करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई है।-सुरेंद्र सिंह चहल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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