अमरोहा में रामलीला का मंचन करते कलाकार
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राजा दशरथ के कोई संतान न होने पर वह पुत्र प्राप्ति को यज्ञ करते हैं। अग्निदेव और ऋषि के आशीर्वाद से तीनों रानियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती हैं। माता कौशल्या के गर्भ से श्री राम का जन्म होता है।
प्रभु राम के जन्म लेते ही अयोध्य नगरी जश्न में डूब जाती है। राजा दशरथ के घर बधाई दी जाती हैं। कालाकारों ने उक्त प्रसंग की लीला का मनोहारी मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। काफी संख्या में दर्शकों ने रामलीला का आनंद लिया।
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से जेएस हिंदू पीजी कालेज में आदर्श रामलीला का मंचन चल रहा है। सोमवार को राम जन्म की लीला का मंचन हुआ। राजा दशरथ के कोई संतान न होने के कारण वह दुखी रहते हैं। राजा दशरथ संतान प्राप्ति को यज्ञ करते हैं। भृंगु ऋषि और अग्निदेव के आशीर्वाद से तीनों रानियों को पुत्र की प्राप्ति होती है।
राजा दशरथ के घर किलकारियां गूंजती हैं। अयोध्या में जश्न मनाया जाता है। इस प्रसंग का मनोहारी मंचन किया। यहां, अध्यक्ष अजय कुमार अग्रवाल, विशाल गोयल, कुंवर विनीत अग्रवाल, रमेश चंद्र गोयल, रमेश चंद्र कालू, रतिराज सरन, विनोद कुमार गुप्ता, आकाश शर्मा, सुरेंद्र कुमार, हर्ष माहेश्वरी, शारदुल अग्रवाल, प्रेमनारायण आदि मौजूद रहे।