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आंखें खोले ले सरकार... अब किसान-मजदूर से चलेगा देश: जयंत

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अमरोहा। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने रविवार को भाजपा सरकार पर हमला बोला। पीएम नरेंद्र मोदी किसानों के आंदोलन पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। हालात यह है कि किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सड़कों पर कील और कांटे लगाए जा रहे हैं। कृषि कानून किसी हालत में मंजूर नहीं है। किसानों के आंदोलन पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसा। कहा कि यह लोग दो महीने तक खामोश क्यों थे। अब किसानों के मसले पर राजनीति शुरूहो गई है, रालोद किसानों के मसले पर अब खूब राजनीति करेगी, क्योंकि चौधरी अजीत सिंह को किसानों के लिए हर तरह से तैयार हैं। देश में अब किसान और मजदूर की चलेगी। किसान मानने वाले नहीं है। विधानसभा चुनाव 2022 और लोकसभा चुनाव 2024 में सबक सिखाने को तैयार है।
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वह रविवार को मुकारी मे रालोद के किसान महापंचायत को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों के दर्द को चौधरी अजीत सिंह ने महसूस किया है। यह सरकार बेदर्द है। उन्होंने कहा कि जिस घर में भाइयों में टकराव होता है। वह पीढ़ी तरक्की नहीं कर पाती है पीछे रह जाती है। हाथ पकड़ो और एक दूसरे के हिम्मत की को बढ़ाओ इसके बाद आगे बढ़ो। उन्होंने भाजपा सरकार को समाज को बांटने वाला बताया। कहा कि एकजुट रहने की जरूरत है क्योंकि इन लोगों के पास बांटने के औजार अधिक है। उन्होंने कहा कि जिस देश के पीएम जनता के सामने सिर झुकाते हैं वह मजबूत माना जाता है। सरकार के पास रिवर्स गेयर नहीं है। ऐसे में यह लोग एक्सीडेंट करेंगे। लोग मर जाए इसका अहसास नहीं है। भाजपाइयों के आंख से आंसू नहीं टपकते हैं। किसान जब अपने हक की बात करता है तो उसे राजनीति करने की बात कहते हैं लेकिन उसके काम को नहीं करते हैं। किसानों को आतंकवादी और खालिस्तानी कहा जा रहा है लेकिन यह मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि दो महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं लेकिन यह सुन नहीं रहे हैं जब हिंसा हुई है उसके बाद लोग आ रहे हैं तो कह रहे हैं अब राजनीति हो रही है। भाजपा के लोग चित भी मेरी और पट भी मेरी। अब हम लोग लगातार राजनीति करेंगे। किसान सरकार की आंख खोलना चाहते हैं। क्योंकि बहुमत की सरकार बनाई है। अब देश में चरण सिंह के अनुयायी, किसान और मजदूरों की चलेगी। दुनिया में बदनामी के जिम्मेदार बता रहे हैं, लेकिन उन्हें जानकारी होना चाहिए कि हमारे बच्चे सेना में हैं। दुश्मन के हमले में शहीद होते हैं तो दूसरे बेटे को भेजने का जज्बा रखते हैं। हर घर से लोग मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।
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