इंस्पायर अवार्ड के तहत स्कूलों में छात्रों के कम पंजीकरण पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जल्द पंजीकरण संख्या का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 14.50 फीसदी ही पंजीकरण हो सके हैं। जबकि, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक स्कूलों के 4150 विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य जिले को दिया गया था।
शिक्षा विभाग की इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत स्कूलों में पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों का पंजीकरण होना है। योजना के तहत विद्यार्थियों के नवाचार और प्रयोग को पोर्टल पर अपलोड करना होता है। पोर्टल एक अगस्त से खुला हुआ है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही बरतने के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। यही वजह है बच्चों का पंजीकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
योजना के तहत जिले को 4150 विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन, एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सिर्फ 620 विद्यार्थियों का पंजीकरण ही हो सका है। पंजीकरण की धीमी गति को देखते हुए संयुक्त निदेशक मुरादाबाद विवेक नौटियाल ने भी नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को उन्होंने गूगल मीट के जरिए ली बैठक में डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह को पंजीकरण संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि बच्चों के कॉमन व पारंपरिक आइडिया से बनाए गए मॉडल को ही पोर्टल पर अपलोड करें। पंजीकरण 15 सितंबर तक कराए जा सकते हैं।
834 विद्यालयों के बच्चों को कराना था पंजीकरण
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत कक्षा छह से 12 तक स्कूलों के बच्चों का पंजीकरण होना था। एक स्कूल से न्यूनतम पांच बच्चों का पंजीकरण कराना अनिवार्य था। लेकिन, कुल 834 स्कूलों के सिर्फ 620 विद्यार्थी ही इसमें पंजीकरण करा पाए हैं।
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत विद्यालयों में विद्यार्थियों के पंजीकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसको लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा भी नाराजगी जाहिर की गई है। सभी स्कूलों को पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।- विष्णु प्रताप सिंह, डीआईओएस