गजरौला (अमरोहा)। अब पालिका की सीलिंग की भूमि बताई जा रही गाटा संख्या 111 में प्लाट खरीदने वालों ने उन्हें प्लाट बेचने वाले सभासदों, सभासद पतियों और प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। बाद में एकत्र होकर उनके पास जा पहुंचे और जमकर खरीखोटी सुनाई। थाने में भी जाने की चेतावनी दी। यहां सभासद पति एवं प्रापर्टी डीलर ने उन्हें आश्वासन दिया कि डेढ़ माह में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ऐसा न होने पर सभी की रकम वापस कर दी जाएगी। तर्कवितर्क के बाद महिलाएं एवं पुरुष वापस लौट गए।
शनिवार को गाटा संख्या 111 में प्लाट खरीदने वालीं कई महिलाएं और पुरुष वहां पहुंचे। सभी अपने-अपने प्लाटों पर ध्वस्त बुनियादें देख काफी आहत नजर आए। इसी बीच कई महिलाएं सलेमपुर रोड पर रहने वाले दो प्रापर्टी डीलरों के पास जा पहुंचीं। दोनों को खरीखोटी सुनाई। बताते हैं कि दोनों ने कागज पूर्ण करने के लिए डेढ़ माह का समय मांगा। इसके बाद सभी वहां से लौट आईं। बाद में फिर से इसी को लेकर चर्चा हुई। कई लोग थाने जाने और डीलरों के खिलाफ तहरीर देने पर जोर दे रहे थे। इसी बीच तय हुआ कि एक बार फिर से प्रापर्टी डीलरों से मिला जाए। बाद में फिर से सलेमपुर रोड पर एक स्थान पर गए। वहां सभी मौजूद थे। यहां फिर से प्लाट खरीदारों ने हंगामा किया। इसी बीच वहां मौजूद एक सभासद पति ने दोहराया कि भूमि सीलिंग की नहीं है। उनके पास बैनामा, 143 आदि के कागजात हैं। डेढ़ माह के भीतर उन्हें कब्जा दिला दिया जाएगा अथवा रकम लौटा दी जाएगी। इस मौके पर प्लाट खरीदने वाले ओमप्रकाश सिंह, ममता देवी, मंजू देवी, मुनेश देवी, किरन देवी, दीपक कुमार, सोमवती देवी, ममता, पप्पू, रिंकू कुमार, राजीव कुमार, कैलाश, मंजू देवी, गीता, कैला देवी आदि मौजूद रहे।
बता दें कि इस भूमि को पालिका ने सीलिंग की बताते हुए शुक्रवार को जेसीबी चलाकर कब्जे और प्लाटों पर की गईं बुनियादें ध्वस्त करा दी थी। आरोप है कि कई सभासदों, सभासद पतियों और प्रापर्टी डीलरों ने साठगांठ कर सीलिंग की लगभग पौने दो करोड़ की भूमि को बेच दिया था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम उमेश मिश्र से की गई थी। इसी के बाद यहां नापजोख के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है।