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किसानों की आवाज नहीं सुन रही केंद्र की गुंगी-बहरी सरकार

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रजबपुर। कृषि कानूनों के विरोध में और एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर भाकियू टिकैत गुट का जोया टोल प्लाजा पर अनिश्चित कालीन धरना 12वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कानून रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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सोमवार को ब्लॉक अध्यक्ष योंगेद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों का धरना 12वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने कहा कि देश का अन्नदाता काले कानूनों के विरोध में पिछले छह महीने से सड़कों पर आंदोलन कर रहा है। सरकार ने कोरोना काल में उद्योगपतियों के पक्ष में तीन कृषि कानून लागू कर दिए। जो किसान हित में नहीं है। आंदोलन में 500 से अधिक किसान शहीद हो गए हैं। इसके बाद भी सरकार सुनने को तैयार नहीं है। किसानों की आवाज सुनने के नाम पर सरकार गूंगी और बहरी हो गई है। सरकार आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस करे। सभी फसलों की खरीद पर एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए। किसान क्रेडिट कार्ड का एकमुश्त संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए। केंद्र सरकार जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले लेती है तब तक धरना समाप्त करने का कोई सवाल नहीं उठता है। अब किसान सरकार के बहकावे में आने वाले नहीं है। किसानों ने सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़नी शुरू कर दी है। जल्द ही आंदोलन उग्र किया जाएगा। इस दौरान सचिन कुमार, जयपाल सिंह, खजान सिंह, खानचंद, लेखराज सिंह, जनम सिंह, महेश कुमार, अजब सिंह, चंद्रपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, लोटन सिंह आदि मौजूद रहे।
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