रजबपुर(अमरोहा)। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों का धरना जोया टोल प्लाजा पर दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। खेती किसानों को कारपोरेट कंपनियों का गुलाम बनाने का आरोप लगाया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाजा से धरना स्थल पर पुलिस तैनात की गई है।
शुक्रवार को किसानों को धरना हसनपुर ब्लाक अध्यक्ष काले सिंह के नेतृत्व में जारी रहा। किसानों ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। काले सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन नए कृषि कानून बनाकर खेती-किसानी को कारपोरेट कंपनियों का गुलाम बना दिया है। इसके खिलाफ देश के सैकड़ों किसान आंदोलन कर रहे हैं। जबकि सरकार आंदोलनकारी किसानों के प्रति हठधर्मिता का रवैया अपना रही है। मौके पर मौजूद लोगों ने सरकार से तीन कृषि कानून को वापस लेने, प्रस्तावित बिजली विधेयक 2020 वापस लेने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की। स्पष्ट कहा कि यदि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं लेती तो किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की कारगुजारी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान योगेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह, समरपाल सिंह, सत्यदेव सिंह, जन्म सिंह, विजयपाल सिंह, मुकेश कुमार, जसपाल सिंह आदि मौजूद रहे।