अमरोहा। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों ने जोया टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। किसानों के धरने पर बैठते ही पुलिस प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित किसानों ने कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। हालांकि धरना हाईवे किनारे होने के कारण वाहनों की आवाजाही में किसी प्रकार की रुकावट नहीं पड़ी
राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन राजनीतिक टिकैत गुट जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान जोया टोल प्लाजा पर एकत्रित हुए। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों ने रात और दिन रुकने के लिहाज से त्रिपाल का तंबू तान लिया। किसानों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कानून वापस नहीं लेती तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हाईकमान का आदेश मिलने पर टोल प्लाजा को टोल मुक्त किया जाएगा। हसनपुर तहसील अध्यक्ष ठाकुर महेश सिंह ने कहा कि यह सरकार आम आदमी की सरकार नहीं है, यह पूंजीपतियों की सरकार हैं। कंपनियों के द्वारा किसानों की रोटी को तिजोरी में बंद करने की तैयारी है। जिसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इसलिए कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों के धरने पर बैठते ही पुलिस प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। थोड़ी ही देर में एसडीएम विवेक यादव और सीओ सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। स्पष्ट चेतावनी दी की कानून वापस होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर टोल प्लाजा को टोल फ्री किया जाएगा। इसके बाद दोनों अफसर वापस लौट गए। इस दौरान राजेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, बलराम सिंह, योगेंद्र सिंह, टीटू त्यागी और काले सिंह आदि मौजूद रहे।