गजरौला (अमरोहा)। न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद गारन्टी कानून बनाने, तीन किसान विरोधी कानून वापस कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का क्रमिक आंदोलन 10वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उपेन्द्र सिंह ने कहा कि किसान के अलावा उद्योगपति, व्यापारी, फेरी वाले, ठेले वाले, चाय वाले, होटलवाले सभी लोग अपने सामान की कीमत स्वयं तय करते हैं और स्वयं के निर्धारित रेट पर ही अपना माल बेचते है लेकिन किसान के माल की कीमत व्यापारी एवं बिचौलिए तय करते हैं। ये लोग किसान का मुनाफा स्वयं डकार जाते हैं। पिछले सत्तर वर्षों से किसानों के साथ यही अत्याचार होता रहा है। इसी कारण किसान कर्जदार होते जा रहे हैं। कर्ज के कारण देश में लाखों किसान आत्मह्त्या भी कर चुके है। उन्होंने कहा कि अब यदि किसान अपने उत्पाद की न्यूनतम खरीद गारंटी मांग रहा है तो क्या गलत है? गांव शाहपुर बुजुर्ग में जयविन्द्र सिंह, महम्दी में चन्द्रपाल सिंह, खादगूजर में सुक्खन सिहं, बल्दाना में जयपाल सिह, नगलिया बहादरपुर में खजान सिंह, देहरा घनश्याम में सोनू यादव, होशंगपुर गूजर में मुकेश सिंह, नगला माफी में नीरज कुमार, शहबाजपुर माफी में राकेश देवी, ततारपुर शर्की में कृपाल बन, मुबारक पुर खुर्द में हरपाल सिंह के नेतृत्व में आंदोलन किया।