अमरोहा। कांग्रेस नेताओं ने श्री राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि नागरिकों के चंदे से खरीदी गई भूमि में आर्थिक अनियमितता की गई है। दो करोड़ रुपये की भूमि को आठ गुना से अधिक भुगतान किया गया है। आरोप लगाया कि खरीद और बिक्री करने वालों के व्यापारिक या व्यक्तिगत रिश्तेदारी है ? सुप्रीम कोर्ट के जज से खरीद फरोख्त की जांच कराने की मांग की है। राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक डीएम बाल कृष्ण त्रिपाठी को दिया।
गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस नेताओं की जुटान हुई। उन्होंने श्री राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया, प्रदेश सचिव सचिन चौधरी और शहर अध्यक्ष परवेज आरिफ टीटू की ओर से भेजे गए पत्रक में दावा किया गया है कि जमीन 2.5 किलोमीटर दूर है। दो करोड़ रुपये में खरीदी गई भूमि को आठ गुना कीमत पर बैनामे करने से सवाल उठ रहे हैं। सब रजिस्ट्रार समेत अन्य अधिकारियों ने पड़ताल नहीं किया है। खास बात यह है कि खरीद और बिक्री में समान गवाह हैं। इन लोगों के बीच व्यापारिक या व्यक्तिगत रिश्तेदारी है। इसके चलते इन लोगों ने लाभ उठाया है। इन लोगों द्वारा अयोध्या में जमीन खरीद फरोख्त के मामले की जांच कराई जाए। कहा कि ट्रस्ट की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है क्योंकि दो करोड़ रुपये की भूमि को 18 करोड़ से अधिक चुकाया गया है जबकि सर्किल मूल्य 5.80 करोड़ रुपये है। ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा आपत्ति नहीं जताने पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश सचिव सुखराज सिंह, प्रदेश सचिव शमीम अयूब, जयपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, वाहिद सैफी, जितेंद्र सिंह, मोहसीन अली, जैद आलम, मुशर्रफ अली, नकुल पंवार, डॉ. मुशर्रफ आदि रहे।