शुक्रवार को शिया समुदाय के लोगों ने जामा मस्जिद शफातपोता में अलविदा जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया। यौमे क़ुद्स पर अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी की गई। किबला ए अव्वल बैतूल मुक़ददस को इजराइल के कब्जे से खाली कराने की मांग की गई।
नमाज के बाद इमाम सैय्यद मोहम्मद सियादत नकवी के नेतृत्व में शिया समुदाय के लोगों ने इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। इजराइल पर आरोप लगाते हुए उसकी ओर से फलस्तीन पर हो रहे जुल्म और सितम की मजम्मत की गई। मौलाना डॉ. सियादत नकवी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष रमजान के आखिरी जुमे को इजराइल के कब्जे से बेतुल मुक़द्दस की रिहाई का मुतालबा किया जाता है।
उन्होंने कहा की हम दुनिया में हर तरह के जुल्म के खिलाफ हैं। प्रदर्शन करने वालों में मौलाना अहसन अख्तर सरोश, मौलाना वसीम, मुख्तार नकवी, रजा सिब्तैन नौशी, खलील मुजतबा, अब्बास हैदर, मौलाना गुल हसन, मुजाहिद अब्बास, शहजाद रजा, सईद जैदी, डा. जमशेद कमाल, रोशन अली खां, हकीम चांद, ताजदार मेहंदी, अख्तर अब्बास, मौलाना अली मोहम्मद, शरफ अली खां, इकबाल हैदर, नासिर, हकीम शन्नू, मौलाना अफजाल, मोहसिन, सज्जाद अली, सिब्ते सज्जाद, आदि रहे।