गजरौला सर्दी में टैंपो का इंतजार करते महिलाएं व युवतियां।
सर्दी का सितम इस कदर जारी है कि हसनपुर के बाद गजरौला में भी एक व्यक्ति ने ठिठुरकर दम तोड़ दिया। उसका शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पीछे की तरफ दीवार से सटा हुआ मिला। करीब पचास वर्षीय व्यक्ति कई दिनों से रेलवे स्टेशन पर देखा जा रहा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम को भेजा है।
नगर में कोई स्थाई रैन बसेरा तो नहीं है, लेकिन तीन दिन पहले ही ब्लॉक परिसर में अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। यहां मुसाफिरों व बेसहायों का रुकना अभी ज्यादा शुरू नहीं हुआ है। स्टेशन पर दिनभर भीख मांगकर पेट भरने वाले करीब पचास वर्षीय व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई। उसका शव शनिवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीछे की तरफ दीवार से सटा मिला। कर्मियों ने उसे स्ट्रक्चर पर डालकर इमरजेंसी कक्ष तक ले गए। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम को भेजा है। बताया जाता है कि मृतक मांगकर अपना गुजारा करता था। शहर में रैन बसेरे का कोई विशेष इंतजाम नहीं होने से लोग सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं।
बीते पांच छह दिन से मौसम में बदलाव हो रहा है। घनघोर कोहरा तो कभी आसमान में बादलों की चादर जम रही है। इसके ऊपर से सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। सूर्यदेव के दर्शन भी लोग सही से नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार की सुबह मौसम की फिजां एकदम बदल गई। ठंड के कारण लोग एक ओर जहां अपने घरों में छिपे रहे वहीं कामकाज भी प्रभावित रहा। चारों तरफ गलन वाली ठंड रही। दोपहर करीब बारह बजे सूर्य देव का दीदार हुआ। इससे लोगों की जान में जान आई।
लगातार बढ़ रही ठंड से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने बताया कि सभी अधिशासी अधिकारियों को अलाव जलवाने के लिए कहा गया है। सरकार से जो धनराशि प्राप्त हुई है, उसका भी उपयोग किया जाएगा। तहसीलवार उसको बांटा जाएगा। पांच-पांच लाख के हिसाब से धनराशि चारों तहसीलों को भेजी जाएगी।
गजरौला में शीतलहर चलने से आमजनता ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। नगरवासी ठंड से बचने के लिएजगह-जगह अलाव जला कर गर्माहट लेते दिखाई दिए। इस बीच बढ़ी ठंडक से आवारा पशुओं कोखासी दिक्कत रही। जो ठंड से बचने के लिए यहां वहां आसरा तलाशते रहे।