अमरोहा। वर्तमान सरकार पुराने आंकड़ों के आधार पर ही काम कर रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहा है। वह नई जनगणना की बात नहीं कर रहे, बल्कि 2011 में हुई जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर आरक्षण और योजनाओं का लाभ देने की बात कर रहे हैं। यह बात सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अति पिछड़ा सम्मेलन के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सत्ता में थे, तब उन्होंने जातीय जनगणना को लागू क्यों नहीं किया। आज वही दल इस मुद्दे को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष को यह डर सता रहा है कि अगर यह प्रक्रिया पूरी तरह लागू होती है, तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को मिलेगा।
उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह केवल बयानबाजी तक सीमित हो गए हैं। दावा किया कि मौजूदा सरकार ने विकास के क्षेत्र में बड़े काम किए हैं। पिछले नौ वर्षों में सरकार ने 22 एक्सप्रेसवे बनाए हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकारें इस मामले में पीछे रहीं।
आरक्षण के मुद्दे पर राजभर ने कोटे में कोटा की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि समाज के उन वर्गों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, जो अब तक वंचित रहे हैं। उन्होंने नाई, गोंड, प्रजापति, लोहार जैसी जातियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन समुदायों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में भी कोटे में कोटा की बात कही गई है, जिसे लागू करने की दिशा में प्रयास होने चाहिए।
कहा कि 1993 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अति पिछड़ी जातियों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन पिछले तीन दशकों में इन वर्गों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। लेकिन, अब समय आ गया है कि आरक्षण का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे।
सुभासपा के अति पिछड़ा सम्मेलन में उमड़ी भीड़
अमरोहा। शहर के कैलसा बाईपास रोड स्थित बैंक्वट हॉल में सुभासपा के अति पिछड़ा सम्मेलन में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। सम्मेलन के माध्यम से अति पिछड़े, वंचित और उपेक्षित वर्गों की भागीदारी और अधिकारों की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अति पिछड़ा समाज लंबे समय तक उपेक्षित रहा है, लेकिन अब उसे उसका हक दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा रही है। अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा हमेशा से वंचित वर्गों की आवाज उठाती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए पूरी तैयारी करने का आह्वान किया। इस दौरान रामपाल मांडी, दयाराम भार्गव, शक्ति सिंह, बलराज सिंह प्रजापति, सत्यपाल तोमर, राजपाल सिंह, रवि चौधरी, सुरेंद्र सिंह, प्रधान जसवीर सिंह मौजूद रहे।