अमरोहा। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस व खाद्य तेलों की महंगाई तो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ ही रही थी। अब एंटीबायोटिक, बुखार व अन्य जरूरी दवाओं के दामों में बीस फीसदी का उछाल आया है। दवाओं के बढ़ते दामों के पीछे कोरोना संक्रमण को ही जिम्मेदार ठहराया गया है। इतना ही नहीं कई दवाई ऐसी हैं, जिनके दाम अगले महीने बढ़ने वाले हैं। विशेषज्ञों ने संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जताई है। यदि ये ही हालात रहे तो आम आदमी का दवा खरीद पाना मुश्किल हो जाएगा।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर तो सभी बात कर रहे हैं। लेकिन, दवाओं के बढ़ते दामों से सब अंजान है। दवाओं पर महंगाई बढ़ने की वजह कच्चे माल की कमी बताया जा रहा है। हालात ये हैं कि कोलेस्ट्रॉल, दिल, सांस, गर्भावस्था संबंधी बीमारियों के अलावा एंटीबायोटिक दवाओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। कई जीवन रक्षक दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें मरीजों को लंबे समय तक खाना पड़ता है। उनके भी दाम बढ़ गए हैं। दवाओं के रोजाना दाम बढ़ने से मरीजों के साथ दवा कारोबारी भी परेशान हैं। अमरोहा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष इब्राहिम मंसूरी ने संबंधित कंपनियों और रसायन एवं उर्वरक मंत्री को पत्र लिखकर मनमानी पर लगाम लगाने की मांग की है।