बिजनौर के चांदपुर में झोलाछाप ने गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। इन्फेक्शन बताकर बच्चेदानी को भी निकाल दिया। बाद में जच्चा की हालत बिगड़ गई। इसके बाद भी झोलाछाप ने तीन दिन तक जच्चा को अस्पताल में भर्ती रखा। परिजनों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाया हंगामा किया तो झोलाछाप ने जच्चा को रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार में जच्चा को अमरोहा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत में सुधार है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चांदपुर के नारनौर गांव में वीरसिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे मुकेश की शादी 12 साल पहले हुई थी। मुकेश की पत्नी सरोज देवी गर्भवती थी। पांच दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सरोज देवी को चांदपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि यहां झोलाछाप ने सरोज का ऑपरेशन किया। इस दौरान बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ। झोलाछाप ने सरोज की बच्चेदानी भी निकाल दी। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
परिवार वाले लगातार सरोज को दूसरी जगह ले जाने की बात कहते रहे लेकिन झोलाछाप ठीक होने का आश्वासन देकर भर्ती कराए रहा। मंगलवार को सरोज की हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। इसके बाद झोलाछाप ने सरोज को नाजुक हालत में रेफर कर दिया। लिहाजा मंगलवार की शाम परिजन सरोज को लेकर अमरोहा के निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां दूसरा ऑपरेशन होने के बाद अब सरोज की हालत में सुधार बताया जा रहा है। सरोज देवी के ससुर वीर सिंह ने बिजनौर पुलिस से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।