गजरौला (अमरोहा)। शकूराबाद निवासी मां-बेटी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उनके शवों के सामान्य रूप से पोस्टमार्टम कराने की बजाय पैनल से कराए गए। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दोनों के शवों के पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराए गए हैं। जिससे कि हर बात पारदर्शी रहे। किसी को भी उंगली उठाने का मौका न मिले। उधर अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली।
रास्ते के किनारे है आस मोहम्मद का घर
गजरौला (अमरोहा)। शकूराबाद निवासी आस मोहम्मद का घर रास्ते के किनारे है। उसके पीछे नूरी जामा मस्जिद है। घर में शहतूत का पेड़ खड़ा है। जिस पर फल पक रहे हैं। इसी घर में बने कमरे और बरामदे में आस मोहम्मद के माता-पिता भी रहते हैं। मगर घटना के दौरान पिता गजरौला गमी में गए थे, जबकि आस मोहम्मद की मां मुनीजा भी घर नहीं थी। गांव के लोगों का कहना था कि वह बेहद मिलनसार थी। सबके साथ उसका अच्छा व्यवहार था। इसी कारण सास-ससुर भी उसी के साथ रहते थे।
शौचालय की छत पर रखा था स्टूल
गजरौला। घर में पेय जल की आपूर्ति के लिए आस मोहम्मद ने शौचालय व बाथरूम की छत पर एक हजार लीटर की क्षमता की टंकी रखवाई। जिसमें सबमर्सिबल चलाकर पानी भरा जाता था। घटना के बाद छत पर स्टूल रखा पाया गया। जिसके बारे में जानकारी करने पर पता चला कि टंकी में पानी देखने के लिए स्टूल को रखा गया था। पुलिस पहुंचने पर उसमें पानी बहुत कम था। पूछने पर बताया गया कि आसिया व उसकी बेटी को निकालते समय पानी निकल गया था।
बचपन से दिव्यांग थी सामान्य कद काठी की आसिया
पहली पत्नी होने के बावजूद आस मोहम्मद ने दिल्ली में जिस आसिया से प्रेम विवाह किया। उसकी लंबाई करीब पांच फिट है। शरीर भी बहुत मजबूत नहीं था। वह दिव्यांग थी। पुलिस ने आस मोहम्मद के हवाले से बताया कि आसिया बताती थी कि उसे बचपन में लकवा हो गया था। मगर वह चलने फिरने के लिए किसी डंडे या बैसाखी आदि की जरूरत नहीं पड़ती थी।