अमरोहा। आदमपुर थानाक्षेत्र के देहरी खादर में मंगलवार को गन्ने के खेत में काम करते समय किशोरी की मौत जंगली जानवर के हमले में दहशत से हुई थी। यही नहीं किशोरी के शरीर पर मिले खरोंच के निशान जंगली जानवर के हैं। हमले के दौरान दहशत से किशोरी की हृदय गति रुक गई। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
मंगलवार की सुबह देहरी खादर गांव निवासी किसान रोहन सिंह अपनी पत्नी लालकौर और बेटी जलधारा के साथ खेत पर काम करने गए थे। तीनों गन्ने के खेत में 50-50 मीटर की दूरी पर काम कर रहे थे। थोड़ी ही देर बाद जलधारा के चीखने की आवाज सुनाई दी। माता-पिता जलधारा की तरफ दौड़ तो उन्होंने तेंदुुआ को हमला करते देखा। बेटी को बचाने के लिए उन्होंने ने शोर मचा दिया। तभी तेंदुआ दंपती पर हमला करने को झपट पड़ा। तेंदुए को अपनी ओर आता देख पति-पत्नी गांव की तरफ भाग निकले। ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी थी। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा होकर खेत पर पहुंचे। जहां जलधारा अचेत अवस्था में पड़ी मिली। उसके गले पर खरोंच के निशान थे। परिजनों ने उसे रहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वन विभाग की टीम और पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की। वन विभाग की टीम ने जंगली जानवर के हमले से इंकार कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें किशोरी के गर्दन पर मिले खरोंच के निशान जंगली जानवर के निकले हैं। जबकि उसकी मौत हमले के दहशत से हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक जलधारा का हार्ट फेल हो गया था। इंस्पेक्टर पंकज वर्मा ने बताया कि जलधारा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। उसकी मृत्यु दहशत से होना दर्शाया गया है। गर्दन पर लगे खरोंच के निशान भी जानवर के है। यह जंगली जानवर तेंदुआ ही हो सकता है।