एएनएम की तैनाती टीकाकरण कक्ष में की गई है, लेकिन वह काम लेबर रूम में कर रही है। कारण पूछने पर पता चला कि सीएमएस ने ऐसा करने को कहा है। इस पूछताछ के बाद डीटीओ ने सीवी नेट व लैब का निरीक्षण किया, जिसमें दो टेक्नीशियन गायब मिले। उनकी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। हालांकि पोषण पुनर्वास केंद्र पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा.एसके निगम मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सबसे पहले टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण किया। एएनएम मनीषा मौजूद मिली, जबकि दूसरी एएनएम के बारे में उन्होंने जानकारी हासिल की तो मालूम पड़ा सीएमएस ने उसको लेबर रूम में लगा दिया है। इस पर डीटीओ ने कहा कि सीएमएस से गुजारिश की जाएगी कि वह एएनएम से दूसरा कोई काम न लें। तत्पश्चात डीटीओ ने सीवी नेट कक्ष की चेकिंग की।
लैब टेक्नीशियन पुनीत चौधरी मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसके बाद टीबी लैब देखी। वहां तैनात लैब टेक्नीशियन रीनू सिंह मौजूद नहीं थी। लैब का गेट खुला हुआ था। कर्मचारियों की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। डीटीओ ने बताया कि गायब दोनों कर्मचारियों का जवाब तलब किया गया है। तीन दिन में जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।