नगर पालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति को लेकर बरती जा रही बेफिक्री लोगों की सेहत बिगाड़ सकती है। पिछले कई महीनों से ओवरहेड टैंकों की सफाई नहीं कराए जाने से लोगों को दूषित पानी की पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इससे बीमारियों के फैलने की आशंका है।
शहर की आबादी चार लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। लेकिन, नगर पालिका लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा सकी है। 12 ट्यूबवेल और 1200 क्यूसेक क्षमता के पांच ओवरहेड टैंक शहर की आबादी को पेयजल आपूर्ति कराने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।
कई इलाकों में पाइप लाइन तक नहीं बिछीं होने के कारण घरों में पानी ही नहीं पहुंच रहा है। आपूर्ति किए जाने वाले पानी की शुद्धता भी सवालों के घेरे में है। कई-कई महीने से ओवरहेड टैंकों की सफाई नहीं कराए जाने के कारण लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
क्या कहते हैं सभासद
मोहल्ला चौक की सभासद चंचल गुप्ता कहती हैं कि नगर पालिका परिषद शहर को पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल रही है। टैंकों की समय से सफाई तक नहीं हो पाती।
मोहल्ला कोट की सभासद फिरदौस अंजुम का कहना है कि लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। अर्से से ओवरहेड टैंक भी नहीं साफ कराए गए हैं।
मोहल्ला बड़ा बाजार के सभासद विकास टंडन कहते हैं कि शहर में बिछी पाइप लाइन काफी पुरानी है। कई बार पाइप लाइन में कीड़े निकलने की शिकायत मिलती है।
-गर्मी में उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही दूषित पानी के कारण होने वाले रोग भी फैलने का खतरा बढ़ने लगा है। ऐसे में पालिका को ओवरहेड टैंकों की साफ-सफाई के साथ ही शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए कहा गया है। -डा.इदरीस नगर स्वास्थ्य अधिकारी
-ओवरहेड टैंकों की हर तीन से छह माह में सफाई होती रहती है। ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन भी पानी में छोड़ा जा रहा है। शहर को शुद्घ जलापूर्ति की जा रही है।-प्रेम प्रकाश, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद