अमरोहा। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रही उठा पठक खुलकर सामने आने के बाद जोड़-तोड़ के साथ खेमाबंदी तेज हो गई है। अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने और बचाने के खेल में जिला पंचायत सदस्य मोहरा बने हैं। माननीय भी अपने इस हथियार के बल पर कुर्सी के किंग मेकर बनने में जुटे हैं। फिलहाल जिले के माननीय 17 से 19 सदस्यों पर अपना दावा ठोंकते हैं, जिनके बल पर जिला पंचायत अध्यक्षी की सियासत करते हैं।
सपा सरकार में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में रेनू चौधरी कुर्सी पर काबिज हो गईं, लेकिन 31 जनवरी 2018 को जिपं सदस्य सरिता चौधरी की अगुवाई में 16 सदस्यों ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंपकर जिले की सियासत में हलचल मचा दी। 26 फरवरी 2018 को हुए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में 28 में से 15 सदस्यों ने सरिता चौधरी का समर्थन कर रेनू चौधरी से कुर्सी कब्जा ली। पिछले दो महीने से एक बार फिर कुर्सी कब्जाने की पटकथा लिखी जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता चौधरी और पति भूपेंद्र चौधरी ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर पर्दे के पीछे की सियासत को सामने ला दिया। अपने माननीयों के इशारे पर ही सदस्य कभी कुर्सी के साथ कभी इसके विरोध उतर जाते हैं। अभी तक सरिता चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आया है। बावजूद इसके विरोधी कुर्सी कब्जाने को लेकर सक्रिय हैं।
ये हैं मौजूदा जिला पंचायत सदस्य
सरिता चौधरी, पूनम, वैशाली, शकीना बेगम, चमन जहां, रवि, हनीफा, वीरवती, मनचन देवी, रेनू चौधरी, महेश, सायरा, हरीश, सुषमा, राजवीर सिंह, दयावती, रेशमा, रितु, आकिब, खानचंद, रामपाल सिंह, भूपेंद्र, हुस्न परवीन, हाजी इफ्तेखार हुसैन, रियाजुल हसन, सुबूर चौधरी, अंजु भारती, अशरफ हैं।
कुछ बदल चुके हैं पाला
अमरोहा। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रहे सियासी खींचतान में सदस्यों में दो खेमों में बंट चुके हैं। चर्चा है कि कुछ सदस्यों ने पाला भी बदल दिया है। हालांकि दो चार सदस्य मौके की नजाकत को भांपने में लगे हैं। वहीं एक सदस्य का परिवार दो ही दो खेमों में बंट गया है। ससुर कुर्सी के साथ हैं तो बहू बेटा कुर्सी के विरोध में बताए जा रहे हैं।
ऐसे हुआ था कुर्सी कब्जाने का खेल
31 जनवरी 2018 को सरिता चौधरी की अगुवाई में 16 जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम को सौंपा था अविश्वास प्रस्ताव
26 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव के लिए हुए वोटिंग में 28 में से 15 जिला पंचायत सदस्यों ने किया था सरिता का समर्थन
27 फरवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए चुनाव की तारीख घोषित की गई
12 मार्च को सरिता चौधरी को छोड़ अध्यक्ष पद के लिए किसी ने नामांकन नहीं किया
15 मार्च को नाम वापसी के बाद सरिता चौधरी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुन ली गई
19 मार्च को डीएम ने सरिता चौधरी को प्रमाण पत्र दिए