अमरोहा। शाहजहांपुर में चीनी मांझे से गर्दन कटने से हुई सिपाही शाहरुख हसन (27) की मौत के बाद रविवार को उनका शव गांव पहुंचा। शवयात्रा में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। परिजनों का रो-रोकर बुरा था। गांव बांसली बलदाना में पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
गांव बांसली बलदाना निवासी अबरार खान मंझले बेटे शाहरुख हसन शाहजहांपुर की तैनाती खुदागंज थाने में सिपाही के पद पर थी। तीन दिन पहले हुए तबादले के बाद उन्हें अभियोजन कार्यालय में तैनाती मिली थी। शनिवार दोपहर वह बाइक से कार्यालय के काम से जा रहे थे कि रास्ते में चीनी मांझे से उनकी गर्दन कट गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उनकी माैत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन उनके शव को घर ले आए। रविवार को सुबह थाना पुलिस गांव पहुंची। सीओ अवधमान भदौरिया व प्रभारी निरीक्षक प्रेमपाल सिंह ने शाहजहांपुर पुलिस के साथ सिपाही को अंतिम सलामी दी। सिपाही के दफीने में गांव के साथ ही आसपास के गांवाें से भी लोग शामिल होने पहुंचे। नम आंखों के साथ उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया। शाहरुख के माता-पिता रो-रोकर बार-बार बेसुध हो रहे थे।