अमरोहा। सीएए के विरोध के चलते एक साल पहले शहर में हुए उपद्रव को लेकर रविवार को जिला प्रशासन अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। डीएम और एसपी अधीनस्थों से पल-पल की अपडेट लेते रहे। जिलेभर में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा। कहीं पर किसी तरह की घटना सामने नहीं के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस रात में गश्त करती दिखी।
सीएए को लेकर 20 दिसंबर 2019 को जुमा की नमाज के बाद आक्रोशित भीड़ ने कोट चौराहे पर उपद्रव किया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया था। रुक-रुक कर दो दिन तक चले बवाल में प्रदर्शनकारियों कई वाहनों को वाहनों के जला दिया था। कई होमगार्ड और पुलिस कर्मियों के पर जानलेवा हमला किया था। जामा मस्जिद के बाहर उपद्रवियों ने एलआईयू इंस्पेक्टर की सरकारी बाइक को फूंक दी थी जबकि करवेज करने पहुंचे एक पत्रकार को बुरी तरह से पीटा था। उनकी गला दबाकर हत्या की कोशिश की गई थी। इस पूरे प्रकरण में पांच एफआइआर दर्ज कर सैंकड़ों आरोपियों को आरोपी बनाया था। इस बवाल को रोकने में डीएम उमेश मिश्रा, तत्कालीन एसपी डॉ विपिन ताडा और सदर मुदरिस मुफ्ती अफ्फान ने अहम भूमिका निभाई थी। तभी से पांचों के मुकदमों के विवेचना चल रही है। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि सीएए बवाल प्रकरण में 156 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है। जबकि, अन्य उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। आंदोलन को एक साल पूरा होने के कारण एसपी सुनीति के निर्देशन में पुलिस अलर्ट रही हैं। शहर के कोट चौराहा, टीपी नगर चौराहा, लकड़ा चौराहा, शाह विलायत दरगाह चौराहा, जामा मस्जिद के बाहर, मंडी चौक, मुख्य बाजार सहित मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल तैनात किया था। रात में भी पुलिस गश्त रही।