पॉक्सो एक्ट के मामले में कोर्ट ने दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में बंद है।
ये घटना बछरायूं थानाक्षेत्र के गांव में हुई थी। गांव निवासी किसान की सात वर्षीय बेटी 13 अप्रैल 2024 को घर के बाहर खेल रही थी। तभी गांव निवासी अरुण शहद देने के बहाने उसकी बेटी को अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। घर पहुंचने के बाद बच्ची ने ये बात अपने परिजनों को बताई। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। अरुण को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय डॉ. कपिला राघव की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी पैरवी रहे थे। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्याें और सबूतों के आधार पर आरोपी अरुण को पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया। साथ ही उसे पांच साल की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई थी। लेकिन, पीड़िता के प्राथमिक बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो एक्ट में दोषी माना है। जबकि उसके साक्ष्यों के अभाव में दुष्कर्म के आरोप में दोषमुक्त किया गया है।