अमरोहा। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही बिजली की खपत कम करने के लिए शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। एक साल के लिए 1880 कनेक्शन के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक केवल 438 कनेक्शन ही हो सके है। हालांकि, 11,606 लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण तो कराया लेकिन इससे आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं की। हालांकि, योजना का प्रचार-प्रसार भी लगातार किया जा रहा है लेकिन इसके बाद भी लोग इसमें कम रुचि ले पा रहे हैं।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को सोलर रूफटाप संयत्र योजना भी कही जाती है। इसके तहत लोगों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी दी जाती है। बिजली की किल्लत को दूर करते हुए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने के लिए सरकार ने इस योजना को शुरू किया था। योजना को आमजन तक पहुंचाने के लिए खूब प्रचार प्रसार किया गया।
जागरूकता शिविरों का आयोजन भी हुआ लेकिन इसके बाद भी योजना के तहत लक्ष्य पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। इस साल के लिए कुल 1880 लोगों को सोलर कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अभी तक केवल 438 लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है। जागरूकता के बीच जिलेभर से 11,606 लोगों ने पंजीकरण तो कराया लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए कुल 1658 लोगों ने ही वेंडर सलेक्शन किया है जिसमें निर्धारित राशि जमा करने के बाद कुल 438 लोगों को ही कनेक्शन का लाभ मिल सका है जिसमें बिजली विभाग द्वारा 408 कनेक्शन का निरीक्षण भी पूरा किया जा चुका है।
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किलोवाट के आधार पर छूट का प्रावधान
योजना के तहत एक किलोवाट तक सोलर सिस्टम के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जानी है। इसमें 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत प्रदेश सरकार की सब्सिडी का प्रावधान है। इसी तरह तीन किलोवाट के सोलर सिस्टम के लिए 60 प्रतिशत, पांच किलोवाट के सोलर सिस्टम में 36 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा उपभोक्ता को किश्तों में भी रकम जमा कराने की सुविधा दी जाती है। योजना के क्रियान्वयन को सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी लक्ष्य का आवंटन किया गया है।
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बैंक की सिबिल भी बन रही परेशानी का सबब
योजना के वेंडर आशीष चिकारा ने बताया कि योजना के लिए अधिकतर दो किलोवाट का कनेक्शन व सोलर पैनल संयत्र लगाने के लिए बैंक की सिबिल भी आड़े आ रही है। उन्होंने बताया कि दो किलोवाट के लिए कुल 1,15,000 रुपये की लागत आती है जिसमें 90 हजार रुपये सब्सिडी के रूप में वापस आ जाते हैं लेकिन इसके लिए लगभग 1.04 लाख का लोन दे रहे हैं जिसके लिए सिबिल थोड़ी भी कम रहने पर बैंक फाइलों को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने डीएम को पत्र देते हुए योजना के हित में सिबिल से छूट दिए जाने की मांग भी की है। वहीं, जिले में यूपी नेडा का कोई कार्यालय न होना भी योजना को आगे न बढ़ पाने का बड़ा कारण माना जा रहा है।
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यह है पीएम सूर्यघर योजना
- घरेलू स्वीकृत बिजली कनेक्शन के समान ऑनग्रिड सोलर रूफटॉप लगाया जाएगा।
- एक से लेकर 10 किलोवॉट तक कनेक्शन की सुविधा।
- एक किलोवॉट रूफटॉप पैनल प्रतिदिन औसतन चार से पांच यूनिट बिजली का उत्पादन करता है
- रूफटॉप सोलर पैनल से बनी बिजली ग्रिड में चली जाती है जिसका नेट मीटरिंग के बाद बिल में समायोजन होता है।
- इसके लिए वेबसाइट http://pmsuryaghar.gov.in आवेदन किया जा सकता है।
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यह मिलता है अनुदान
क्षमता - कुल लागत - अनुदान
दो किलोवाट - 115000 - 90000
तीन किलोवाट - 162000 - 108000
चार किलोवाट - 191000 - 108000
पांच किलोवाट - 258000 - 108000
छह किलोवाट- 319000 - 108000
आठ किलोवाट - 388000 - 108000
दस किलोवाट - 459000 - 108000
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बिजली की खपत को कम करने के लिए यह एक अच्छी योजना है। इससे बिजली के बिल में भी कमी आती है। योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उम्मीद है कि दिया गया लक्ष्य समय से पूरा हो जाएगा। - चंद्रप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ परियोजना निदेशक, यूपीनेडा