हसनपुर। क्षेत्र में बौर से लदे आम के हरे पेड़ों को सूखे हुए दर्शाकर काटने की अनुमति दे दी गई। आराेपियों ने रातों रात पेड़ों को काटना भी शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर आम के पेड़ों का कटान रुकवा दिया। कटी हुई लकड़ी व ट्रैक्टर ट्राली कब्जे में करके कोतवाली में खड़ी कराई गई है।
आम की पट्टी के नाम से मशहूर हसनपुर क्षेत्र में माफिया द्वारा हरे भरे आम के पेड़ों को काटा जा रहा है। कभी परमिशन के नाम पर तो कभी जिम्मेदारों की मिलीभगत से कटान कराया जाता है। रविवार की रात हसनपुर में अमरोहा मार्ग पर अमरोहा अड्डे के नजदीक धर्मकांटे के पीछे की तरफ आम का बाग काटा जा रहा था। कुछ लोगों ने इसकी सूचना एसडीएम भगत सिंह को दी। जानकारी मिलने पर एसडीएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम को देखकर कटान में लगे मजदूर भाग गए। मौके पर मौजूद ठेकेदार ने परमिशन से संबंधित कागज एसडीएम को दिखाया। एसडीएम ने वन अधिकारियों से फोन पर बात की।
एसडीएम ने पाया कि पेड़ों को सूखे दर्शाकर परमिशन दी गई है लेकिन कुछ हरे भी थे। जिन पर बौर भी आ रहा था। एसडीएम ने वन विभाग के एक अधिकारी को दूरभाष पर काफी फटकार लगाई। लकड़ी लदी एक ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में करके कोतवाली में खड़ा कराया गया है। जिसमें रखी लकड़ी में आम के हरे पत्ते और बौर आता दिखाई दे रहा है। इससे साफ होता है कि अनुमति देने के लिए नियमों काे ताक पर रखा है।
-20 पेड़ों की अनुमति होने की बात सामने आ रही है। यदि इससे ज्यादा पेड़ काटे हैं तो जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नरेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर
-बयान-आम के पेड़ों को काटा जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और जांच की। अनुमति से अधिक पेड़ों के काटने की सूचना प्राप्त हुई थी। चेक कराया जा रहा है। कितने पेड़ काटे गए हैं। अनुमति की भी जांच कराई जा रही है।भगत सिंह, एसडीएम हसनपुर