- 2017 नोटबंदी की यादें हुई ताजा
- दो हजार का नोट चलन से बाहर होने से व्यापारियों में घबराहट
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। आरबीआई ने बैंकों को दो हजार का नोट चलन से वापस करने की घोषणा की है। आरबीआई के आदेश पर दो हजार का नोट बंद होने को लेकर लोगों में एक बार फिर से लाइन में लगने का डर सताने लगा है। व्यापारियों से लेकर आम आदमी तक में डर का माहौल है। पेट्रोल पंपों से लेकर बड़े कारोबारियों तक के यहां दो हजार का नोट लेकर लोग पहुंचे। किसी ने दो हजार का नोट देकर तेल भरवाया।
केंद्र की भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 में एक हजार व पांच सौ रुपये का नोट बंद कर दिया था। जिसके चलते लोगों ने सुबह से लेकर शाम तक बैंकों की लाइन में लगकर अपने-अपने नोट चलाए थे। धक्का मुक्की में दर्जनों लोग घायल हुए थे। विपक्ष ने सरकार पर नोटबंदी को लेकर जमकर निशाना साधा था। सरकार का तर्क था कि नोटबंदी से काला धन वापस आएगा। मगर ऐसा नहीं हो सका। अब फिर से शुक्रवार को आरबीआई की ओर से दो हजार का नोट चलने से बंद करने की घोषणा की है। हालांकि नोट बदलने के लिए 30 सितंबर माह तक का समय दिया गया है और दो हजार का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा। लोग दो हजार रुपये के नोट बैंक खातों में जमा करा सकेंगे या फिर उन्हें अन्य मूल्य के नोटों के साथ किसी भी बैंक शाखा में जाकर एक्सचेंज करा सकेंगे। लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपये मूल्य के नोट बदलवाए जाए सकेंगे। यह प्रक्रिया 23 मई से शुरू होगी और 30 सितंबर 2023 को खत्म होगी। जैसे ही आमजन को दो हजार का नोट बंद होने की जानकारी मिली तो दो हजार का नोट चलाने के लिए पेट्रोल पंपों पर तेल डलवाने को लाइन लगी रही। आदेश की जानकारी से लोगों को लाइन में लगने का भय सता रहा है। एलडीएम ने जनपद में दो हजार के नोट कितने हैं इसकी जानकारी होने से इंकार किया है।
क्या बोले व्यापारी...
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का दो हजार रुपये का नोट चलन से वापस लेने का फैसला पूरी तरह अव्यवहारिक है। सरकार ने पांच वर्ष पहले भी नोटबंदी की थी। उस समय 500 व 1000 का नोट बंद किया था। रिजर्व बैंक के इस फैसले से व्यापारियों में घबराहट है। सरकार को नोट जमा करने की तिथि दिसंबर 2023 करनी चाहिए।-कमल अग्रवाल, व्यापारी
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आरबीआई का दो हजार रुपये का नोट वापस लेने का फैसला व्यापारिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। व्यापारियों को नकद मुद्रा के ले जाने में बड़ा नोट सुविधाजनक होता है। हालांकि बैंकों की ओर से दो हजार रुपये का नोट का प्रचलन काफी समय से कम कर दिया गया था। फिर भी सरकार के इस निर्णय से व्यवसायिक जगत में हड़बड़ाहट है। सरकार को इस संबंध में देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहिए कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।- वैभव अग्रवाल निर्यातक