अमरोहा। हसनपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए एआईएमआईएम के प्रत्याशी रईसुल हसन ने जिला जज की अदालत में याचिका दायर कर अध्यक्ष पद की मतगणना पुन: कराने की मांग की है। साथ ही अध्यक्ष पद का निर्वाचन रद्द करने मांग की। याचिका में भाजपा प्रत्याशी पर मतदाताओं को प्रलोभन देने और फर्जी वोट डलवाने का भी आरोप लगाए हैं। वही 1285 वैध मतों को अवैध बनाकर भाजपा प्रत्याशी को जिताने का आरोप लगाया है। एआईएमआईएम प्रत्याशी का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी राजपाल सैनी वर्तमान में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और सहकारी समिति शाहपुर कलां में अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं। जबकि वह पूर्व विधायक तुलाराम सैनी के भतीजे हैं। उनके पास धन की कमी नहीं है। जिसके चलते उन्होंने मतदाताओं को डरा धमका कर भय का वातावरण तैयार किया और वोट नहीं देने पर झूठे मुकदमे लगवा कर जेल भेजने की धमकी दी गई। आरोप है कि भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए 400 व्यक्तियों को वाटर टैक्स और हाउस टैक्स अपने पास ही जमा किए। मतदाताओं को प्रलोभन के रूप में रसीदें दीगईं। इसके अलावा करीब 700 लड़कियों को सिलाई, मशीन 200 परिवारों को फ्रीज, वाशिंग, मशीन और 300 गैस चूल्हा और सिलेंडर प्रलोभन के रूप में दिए गए। घर जाकर 1500 रुपये प्रति वोट के हिसाब से तीन हजार मतदाताओं को प्रलोभन दिया गया। जबकि उन्होंने 15 लाख रुपये की शराब मतदाताओं को प्रलोभन स्वरूप पिलाई। चुनाव खर्च की तय सीमा केवल 3 लाख रुपये है। आरोप लगाया कि जो मतदाता शहर से बाहर थे उनके फर्जी आईडी बनाकर अपने बाहर के समर्थकों से मतदान कराया गया। करीब 700 वोट फर्जी डलवाए गए। भाजपा प्रत्याशी ने जाति, धर्म के आधार पर वोट मांगे। आरोप लगाया कि चुनाव मतपत्र से हुआ था। गणना के दौरान उन्हें 8568 मत मिलना दिखाया हैं। जबकि भाजपा प्रत्याशी को 10253 वोट मिले हैं। कुल मिलाकर एआईएमआईएम प्रत्याशी जो कि 200 मतों से जीत रहा था। लेकिन उनके 600 मतों को अवैध रूप से निरस्त कर दिया गया। जबकि 1285 मतों को कमल में मिलाकर गिनती कर दी गई। लंच के बाद अचानक मतगणना स्टाफ की संख्या बढ़ा दी गई। इसके बाद मतगणना कार्मिकों ने टेबल को घेर लिया और अवैध तरीके से भाजपा प्रत्याशी को जीता दिया गया। रईसुल हसन के अधिवक्ता मेहंदी हसन ने बताया कि जिला जज के यहां याचिका दायर कर दी गई है।