मंडी धनौरा। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद नगर में रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड नहीं होने की वजह से रोडवेज बसें भी इधर-उधर रुकती हैं। इसकी वजह से बेबस यात्रियों को जान जोखिम में डालकर उनके पीछे भागना पड़ता है। जागरूक नागरिकों ने बस स्टैंड बनवाए जाने की मांग की है।
गजरौला-चांदपुर मार्ग पर बसे नगर से रोजाना सैकड़ों की तादाद में लोग दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, हरिद्वार, नजीबाबाद आदि स्थानों के लिए जाते हैं। ये लोग आने-जाने के लिए रोडवेज की बसों पर ही निर्भर रहते हैं। दिन भर में करीब 50 बसें यहां से गुजरती हैं। लेकिन रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने की वजह से बस चालक अपनी मर्जी से बसों को यहां-वहां रोकते हैं। कोई निश्चित स्थान नहीं होने की वजह से बसों की इंतजार में खड़े यात्री धक्के खाने के लिए मजबूर हैं।
नगर में ब्लॉक व तहसील कार्यालय के बीच में खाली पड़ी भूमि पर सालों पहले एक कोठरी को बस स्टैंड का रूप दिया गया था। इस स्टैंड पर रोडवेज का एक दिव्यांग बस चालक बैठता था। इस चालक की सेवानिवृति के बाद बस स्टैंड पर भी ताला लग गया। जब तक दिव्यांग चालक बस स्टैंड पर रहा। उस समय तक रोडवेज की 95 फीसदी बसें वहां रुक कर जाती थी।
तहसील मुख्यालय होने के बाद भी नगर में बस स्टैंड के नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को यहां रोडवेज बस स्टैंड बनाना चाहिए।
- लखमीचंद एडवोकेट
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व्यापार का मुख्य केंद्र होने के बाद भी यहां रोडवेज बस स्टैंड नहीं है। व्यापारियों को इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले भी इसके लिए आवाज उठाई गई थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। शीघ्र ही नगर में बस स्टैंड बनाया जाना चाहिए।
- पंकज सिंहल, उपाध्यक्ष व्यापारी फोरम संस्थान
यातायात की सुगमता के लिए रोडवेज बस का स्टैंड होना बेहद जरूरी है। धनौरा तहसील मुख्यालय व काफी पुराना व्यापारिक केंद्र रहा है। जिम्मेदारों को बस स्टैंड बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
- बिजेंद्र शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू टिकैत
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अमरोहा से धनौरा के लिए कई रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। लेकिन फिलहाल बस स्टैंड बनाए जाने के लिए कोई प्रस्ताव नही है। भविष्य में प्रस्ताव मिला तो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
- केसी गौड़, एआरएम, अमरोहा डिपो